स्पेस चैलेंज प्रतियोगिता में हिमाचल के मंडी ने हासिल किया सातवां स्थान
मंडी जिले की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नगवाईं के छात्रों ने मंगलयान का प्रोटोटाइप बनाने में इतिहास रचा है। छात्रों ने इसरो और सीबीएसई की ओर से आयोजित स्पेस चैलेंज में पूरे भारत में सातवां स्थान हासिल किया है।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नगवाईं के छात्रों ने मंगलयान का प्रोटोटाइप बनाने में पूरे देश में इतिहास रचा है। इस मंगलयान को कार्तिकेय रोवर का नाम दिया गया है। छात्रों ने इसरो और सीबीएसई की ओर से आयोजित स्पेस चैलेंज में पूरे भारत में सातवां स्थान हासिल किया है। प्रतियोगिता में पूरे भारत के करीब 6500 मॉडल प्रदर्शित किए गए। इसमें से पूरे भारतवर्ष में केवल कुल 75 को विजय घोषित किया गया। इसमें मंडी जिला की सरकारी पाठशाला की टीम ने देश भर में सातवां स्थान प्राप्त कर लिया। सरकारी स्कूल नगवाईं पूरे हिमाचल में एकमात्र स्कूल रहा, जिसने इस मिशन में अपनी प्रतिभा का लोगा मनवाया जबकि प्रदेश के प्राईवेट स्कूल 75 विजेताओं की लिस्ट में अपना स्थान भी नहीं बना पाए।
टीम कार्तिकेय ने मंगल पर किस प्रकार मंगलयान को भेजा जाएगा और वहां कैसे खोज की जाएगी पर अपना मंगलयान तैयार किया जिसे पूरे विश्व देश सराहा गया। कार्तिकेयन टीम के सदस्य विवेक, खेमराज व हरीश इन छात्रों ने यह कार्य एटीएल इंचार्ज विज्ञान अध्यापक पंकज वर्मा के नेतृत्व में किया। स्कूल के प्रधानाचार्य रहमत अली ने अपनी टीम को इस जीत के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने अपने देश व प्रदेश का नाम रोशन कर इतिहास रच दिया है।
हिमाचल से मात्र एक ही टीम ने लिया स्पर्धा में हिस्सा
इस प्रतियोगिता में टॉप 75 टीमों का चयन किया गया और उन्हें विजेता घोषित किया गया। इस सूची में हिमाचल से केवल एक ही टीम शामिल हुई है और वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नगवाईं की टीम है। इस मंगलयान टीम में शामिल तीन बच्चों में से एक विज्ञान विषय का था, जबकि अन्य दों आर्टस और कॉमर्स के हैं। आर्टस व कामर्स के छात्रों द्वारा विज्ञान से संबंधित इतने बड़े प्रोजेक्ट में भागीदारी कर पुरस्कार जीतना उनकी अत्यधिक प्रतिभा को दर्शाता है।