हिमाचल: राहत भरी खबर, प्रदेश में 947 से बढ़कर 964 पहुंचा लिंगानुपात
दो वर्षों में लिंगानुपात 947 से बढ़कर 964 पहुंच गया है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बालिकाओं, महिलाओं और प्रारंभिक शिक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश में अनेक कदम उठाए गए हैं।
विस्तार
हिमाचल के लिए राहत भरी खबर है। दो वर्षों में लिंगानुपात 947 से बढ़कर 964 पहुंच गया है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बालिकाओं, महिलाओं और प्रारंभिक शिक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश में अनेक कदम उठाए गए हैं। आर्थिक परिस्थितियों के कारण वंचित परिवारों के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक में योजनाएं शुरू की हैं। इन्हीं में से एक इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना है। इस योजना का उद्देश्य बीपीएल परिवारों में जन्म लेने वाली लड़कियों का देर भविष्य उज्ज्वल करना है। योजना के तहत प्रदेश सरकार बीपीएल परिवार में जन्म लेने वाली प्रत्येक लड़की के जन्म के समय 25,000 रुपये की राशि बीमा कंपनी के पास जमा करवाई जाएगी। इस योजना में माता-पिता दोनों के लिए 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवरेज भी शामिल है।
योजना के तहत बीमा की मैच्योरिटी पर यह राशि बालिका को 18 वर्ष की आयु से 27 वर्ष की आयु तक उसकी इच्छानुसार प्रदान की जाएगी। सरकार की यह नई पहल बालिकाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही अन्य योजनाओं जैसे बेटी है अनमोल इत्यादि को संबल प्रदान करेगी। कामकाजी महिलाओं की मदद के लिए सरकार की ओर से सोलन, नेरी, दडूही, पालमपुर, लुथान, बद्दी, गगरेट, नगरोटा बगवां, चनौर औद्योगिक क्षेत्र और सोलन में मेडिकल डिवाइस पार्क सहित 13 नए कामकाजी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। 132 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ये छात्रावास महिलाओं के लिए सुरक्षित और किफायती आवास की जरूरत को पूरा करने में सहायक साबित होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में नौनिहालों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।