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Himachal News: सीएम सुक्खू बोले- आर्थिक संकट से उबरा हिमाचल पर देश के सामने बड़ी चुनौती; नीरज भारती पर भी बोले
Mon, 08 Jun 2026 10:34 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 08 Jun 2026 10:34 AM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश काफी हद तक आर्थिक संकट से उबर चुका है और राज्य में भविष्य में किसी बड़े आर्थिक संकट की आशंका नहीं है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि देश के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं और इस संबंध में कांग्रेस नेता राहुल की चिंताओं को सही बताया। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यूपीए की सरकार में घरेलू गैस सिलिंडर लगभग 450 रुपये में मिलता था। आज इसकी कीमत करीब 1,000 रुपये के पार पहुंच गई है। व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कीमत भी कई गुना बढ़ चुकी है और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
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सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आर्थिक संकट से काफी हद तक उबर चुका है। भविष्य में राज्य में किसी आर्थिक तूफान की आशंका नहीं है, लेकिन देश को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का यह आकलन सही है कि देश के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन सकती है। मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली सरकार को वर्तमान सरकार की तुलना में करीब 60 हजार करोड़ रुपये अधिक संसाधन प्राप्त हुए थे।
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उनके अनुसार यदि उन संसाधनों का सही उपयोग किया गया होता तो प्रदेश आज कर्जमुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ सकता था। भाजपा सरकार को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में लगभग 47 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि जीएसटी लागू होने के बाद करों के बदले मिलने वाले मुआवजे का भी पर्याप्त लाभ मिला, बावजूद प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं की जा सकी। कर्मचारियों को प्रदेश की रीढ़ बताते हुए उनकी सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम से संबंधित राशि नहीं रोकी गई होती तो कर्मचारियों को एरियर देने में और अधिक सुविधा होती।
सुक्खू ने कहा कि महंगाई का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है और इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। हिमकेयर योजना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को नया स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमकेयर योजना में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं, जिनकी समीक्षा की जा रही है।
नशेड़ी आदमी का बयान गंभीरता से नहीं लेना चाहिए
पत्रकारों के पूर्व सीपीएस नीरज भारती को लेकर पूछे गए सवाल में सीएम सुक्खू ने कहा कि यह कोई मसला नहीं है। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि नशेड़ी आदमी कभी कोई बयान दे तो उसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
मैं तैयार, सीएम भी करवाएं डोप टेस्ट: भारती
सीएम के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व सीपीएस नीरज भारती ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह हिमाचल से बाहर डोप टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं। बशर्ते सीएम भी साथ चलें।
पत्रकारों के पूर्व सीपीएस नीरज भारती को लेकर पूछे गए सवाल में सीएम सुक्खू ने कहा कि यह कोई मसला नहीं है। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि नशेड़ी आदमी कभी कोई बयान दे तो उसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
मैं तैयार, सीएम भी करवाएं डोप टेस्ट: भारती
सीएम के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व सीपीएस नीरज भारती ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह हिमाचल से बाहर डोप टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं। बशर्ते सीएम भी साथ चलें।
मुख्यमंत्री ने 246 करोड़ रुपये की भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला रखी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला में 246 करोड़ रुपये लागत की भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला रखी। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के उपयोगिता अवसंरचना तंत्र का आधुनिकीकरण, शहरी सौंदर्यीकरण तथा आम नागरिकों की सुविधा में सुधार करना है। इस परियोजना के अंतर्गत छोटा शिमला-विलीपार्क-चौड़ा मैदान, लोक भवन-ओक ओवर तथा शेर-ए-पंजाब-सीटीओ चौक वाया लोअर बाजार क्षेत्रों में एकीकृत भूमिगत यूटिलिटी डक्ट नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद विभिन्न उपयोगिता सेवाओं की व्यवस्थित स्थापना और रखरखाव संभव हो सकेगा, सड़कों की बार-बार खुदाई की आवश्यकता कम होगी तथा प्रदेश की राजधानी के स्वरूप में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, सतत् एवं नागरिक-केंद्रित शहरी अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भूमिगत यूटिलिटी डक्ट के निर्माण से सेवाओं की आपूर्ति बेहतर होगी, रखरखाव कार्यों के कारण होने वाली बाधाएं कम होंगी और शिमला अधिक व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित होगा। श्री सुक्खू ने इस पहल को शिमला के कायाकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील पत्थर बताते हुए कहा कि शिमला में ओवरहेड तारों को भूमिगत किया जा रहा है, जिससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शहर की आधारभूत संरचना को सदृढ़ करेगी बल्कि शिमला की विरासत एवं प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क से आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव में सुविधा होगी तथा विशेष रूप से भारी हिमपात और प्रतिकूल मौसम के दौरान बिजली एवं दूरसंचार सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला में 246 करोड़ रुपये लागत की भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला रखी। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के उपयोगिता अवसंरचना तंत्र का आधुनिकीकरण, शहरी सौंदर्यीकरण तथा आम नागरिकों की सुविधा में सुधार करना है। इस परियोजना के अंतर्गत छोटा शिमला-विलीपार्क-चौड़ा मैदान, लोक भवन-ओक ओवर तथा शेर-ए-पंजाब-सीटीओ चौक वाया लोअर बाजार क्षेत्रों में एकीकृत भूमिगत यूटिलिटी डक्ट नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद विभिन्न उपयोगिता सेवाओं की व्यवस्थित स्थापना और रखरखाव संभव हो सकेगा, सड़कों की बार-बार खुदाई की आवश्यकता कम होगी तथा प्रदेश की राजधानी के स्वरूप में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, सतत् एवं नागरिक-केंद्रित शहरी अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भूमिगत यूटिलिटी डक्ट के निर्माण से सेवाओं की आपूर्ति बेहतर होगी, रखरखाव कार्यों के कारण होने वाली बाधाएं कम होंगी और शिमला अधिक व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित होगा। श्री सुक्खू ने इस पहल को शिमला के कायाकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील पत्थर बताते हुए कहा कि शिमला में ओवरहेड तारों को भूमिगत किया जा रहा है, जिससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शहर की आधारभूत संरचना को सदृढ़ करेगी बल्कि शिमला की विरासत एवं प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क से आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव में सुविधा होगी तथा विशेष रूप से भारी हिमपात और प्रतिकूल मौसम के दौरान बिजली एवं दूरसंचार सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।