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Himachal: प्रदेश में पीलिया और डायरिया के मामले बढ़े, स्वास्थ्य विभाग ने किया अलर्ट
Sun, 09 Jul 2023 07:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 09 Jul 2023 07:25 PM IST
सार
स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने कहा कि बरसात में होने वाली बीमारियों को लेकर अलर्ट किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल में बारिश के चलते मटमैला पानी के सप्लाई होने से पीलिया और डायरिया के मामले बढ़ने लगे हैं। आईजीएमसी के समेत प्रदेश के छह मेडिकल और जोनल अस्पतालों में जलजनित रोगों के औसतन पांच से सात मरीज भर्ती हो रहे हैं। सरकार ने बीमारी को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि गंदे पानी के कारण ही डायरिया का जीवाणु शरीर में प्रवेश करता है।
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ऐसे में पीलिया के बाद डायरिया होने का खतरा अधिक रहता है। इसके चलते डॉक्टर पीलिया ठीक होने के बाद भी एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि डायरिया का बैक्टीरिया पीलिया से पहले भी शरीर पर आक्रमण कर सकता है। ऐसे में एहतियात बरतना अति आवश्यक है। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने कहा कि बरसात में होने वाली बीमारियों को लेकर अलर्ट किया है।
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डायरिया के लक्षण
शरीर के अंदर का तापमान कम होने से उल्टी और दस्त की शिकायत हो जाती है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। इसके अलावा भी कई कारण हैं जिनकी वजह से डायरिया हो सकता है। पीलिया ग्रसित मरीज का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। इस कारण उसके शरीर में कुछ टिक नहीं पाता और शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में वह व्यक्ति भी डायरिया की चपेट में आ जाता है।
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क्या है परहेज
ठंड से परहेज रखें। दूषित पानी पीने से डायरिया का बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाता है। इसलिए उबला हुआ पानी पियें, तरल पदार्थ और हल्का भोजन ज्यादा करें।