Himachal-Punjab Taxi Dispute: हिमाचल-पंजाब टैक्सी विवाद सुलझा, समन्वय समिति होगी गठित
मंगलवार को कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में सचिवालय में हिमाचल और पंजाब के टैक्सी ऑपरेटर यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि यदि कोई भी टैक्सी चालक वीडियो बनाकर वायरल करता है तो समन्वय समिति संज्ञान लेगी।
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हिमाचल और पंजाब के टैक्सी ऑपरेटरों के बीच चल रहा विवाद सुलझ गया है। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में सचिवालय में हिमाचल और पंजाब के टैक्सी ऑपरेटर यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। विवाद के स्थायी हल के लिए समन्वय समिति गठित करने का फैसला लिया गया।
बैठक में दोनों टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा। बैठक में फैसला लिया गया कि यदि कोई भी टैक्सी चालक वीडियो बनाकर वायरल करता है तो समन्वय समिति संज्ञान लेगी। मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने सभी टैक्सी यूनियन को आपस में तालमेल बनाकर काम करने का सुझाव दिया। टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने निजी गाड़ियों को टैक्सी के रूप में चलाने का मामला भी मंत्री के समक्ष उठाया। अनिरुद्ध ने कहा कि निजी गाड़ियों का टैक्सी के रूप में प्रयोग करने वालों के न सिर्फ चालान होंगे बल्कि गाड़ियां जब्त कर केस भी दर्ज किया जाएगा।
वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ यूनियनों को कार्रवाई करने को कहा गया है। बाहरी राज्यों से आने वाले टैक्सी चालकों और पर्यटकों की सुरक्षा सरकार का दायित्व है, हिमाचल में इन्हें सुरक्षा दी जाएगी ताकि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। देवभूमि टैक्सी यूनियन के सचिव नरेंद्र ठाकुर ने विवाद हल करने के लिए सरकार की पहल का आभार जताया। ऑल हिमाचल कमर्शियल व्हीकल ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि सरकार के प्रयासों से टैक्सी ऑपरेटरों का विवाद खत्म हो गया है। जल्द ही समन्वय समिति गठित की जाएगी जिसमें हिमाचल और पंजाब की यूनियनों के पदाधिकारी सदस्य होंगे। ट्रांसपोर्ट एकता पंजाब के महासचिव सोहन सिंह नाभा ने कहा कि टैक्सी चालक कभी भी विवाद नहीं करते, स्थानीय लोग गलत हरकतें करते हैं। ऐसे लोगों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री के समक्ष उठाया टैक्स कटौती का मामला
हिमाचल और पंजाब के टैक्सी ऑपरेटरों ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मुलाकात कर टैक्स में कटौती का मामला उठाया। ऑल हिमाचल कमर्शियल व्हीकल ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि राजधानी शिमला सहित सभी पर्यटन स्थलों पर प्री पेड टैक्सी बूथ स्थापित करने और टैक्सी परमिट की वैधता 12 से बढ़ाकर 15 साल करने की मांग भी उठाई गई। उपमुख्यमंत्री ने मांगों पर विचार कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।