अमर उजाला इंपैक्ट: वर्दी, किताबें बेचने वाले निजी स्कूलों की जाएगी मान्यता, शिक्षा निदेशालय ने की सख्ती
स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि परिसर में इस तरह की किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि करने पर संबंधित संस्थान की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
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निजी शिक्षण संस्थानों में यूनिफॉर्म, टाई, बेल्ट, बैज, किताबें और जूतों जैसी वस्तुओं की बिक्री नहीं हो सकेगी। स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि परिसर में इस तरह की किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि करने पर संबंधित संस्थान की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला उपनिदशकों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि निजी स्कूल विद्यार्थियों या अभिभावकों को स्कूल परिसर से यूनिफॉर्म, टाई, बेल्ट, बैज, जूते या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
ऐसा करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया है कि बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्य पुस्तकों और प्रैक्टिकल नोटबुक की बिक्री को व्यावसायिक गतिविधि नहीं माना जाएगा। स्कूल परिसर में इन पुस्तकों की उपलब्धता नियमों के दायरे में रहेगी।
शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि इन निर्देशों का उद्देश्य अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करना और निजी स्कूलों में मनमानी पर रोक लगाना है। सभी निजी स्कूल प्रबंधन को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। आदेशों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।