जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार बढ़ा हिमाचल का राजस्व
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माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद प्रदेश में पहली बार ज्यादा राजस्व अर्जित किया गया है। लगातार नुकसान झेल रहे राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के आठ महीने में नवंबर में औसत राजस्व से 17 फीसदी ज्यादा राजस्व अर्जित किया है।
जीएसटी लागू होने के बाद इस वित्तीय वर्ष के दौरान विभाग को औसतन 227 करोड़ का राजस्व आया। लेकिन नवंबर में यह आंकड़ा 265.77 करोड़ पहुंच गया। विभाग का दावा है कि शत प्रतिशत पंजीकरण, ई-वे बिल और कर चोरी रोकने के बाद यह आंकड़ा 300 करोड़ भी पहुंच सकता है।
हाल ही में ई-वे बिल व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने इसे सख्ती से लागू किया। पिछले दो महीनों में 26,352 ई-वे बिल जांचे गए। इस दौरान 300 बिल डिफाल्टरों पर कार्रवाई की गई।
विभाग के प्रमुख सचिव जेसी शर्मा ने बताया कि विभागीय सक्रियता का ही नतीजा है कि सिर्फ नवंबर महीने में ही अक्तूबर की अपेक्षा 21 फीसदी ज्यादा राजस्व इकट्ठा किया गया है। शर्मा ने बताया कि प्रदेश में एचपी जीएसटीआर 1 और जीएसटीआर 3 बी फाइलिंग भी राष्ट्रीय औसत से हिमाचल का औसत ज्यादा रहा है।
सितंबर महीने में जीएसटीआर 1 फाइलिंग का औसत 70 फीसदी था जबकि राष्ट्रीय औसत 63 फीसदी रहा। जीएसटीआर 3 बी हिमाचल में 75 फीसदी रहा जबकि राष्ट्रीय औसत 71 फीसदी रहा।
प्रवर्तन टीमें लगातार करेंगी औचक निरीक्षण
प्रमुख सचिव ने कहा कि विभागीय सख्ती की वजह से ही पिछले दो महीने से राजस्व गैप में कमी आई है। कहा कि अब विभाग का पूरा जोर प्रवर्तन और तकनीक के उपयोग पर रहेगा। व्यापारियों को टैक्स जमा करने और पंजीकरण में सुविधा हो तो टैक्स बढ़ेगा। इसके अलावा प्रवर्तन टीमें गठित कर लगातार औचक निरीक्षण से कर चोरी पर भी नकेल कसने का प्रयास जाएगा।