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निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य के खिलाफ भी होगी जांच
Sun, 13 Oct 2019 12:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 13 Oct 2019 12:24 PM IST
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राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष के बाद अब सदस्य के खिलाफ भी जांच शुरू होगी। पहले से जांच का सामना कर रहे अध्यक्ष की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने सदस्य के खिलाफ भी जांच करने का फैसला लिया है। नियामक आयोग के अध्यक्ष और सदस्य के बीच सामंजस्य नहीं होने से बीते कुछ समय से आयोग में काम प्रभावित हो रहा है।
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सितंबर में आयोग के अध्यक्ष केके कटोच के खिलाफ आयोग के सदस्य सहित कर्मचारियों द्वारा दी गई शिकायत पर सरकार ने जांच बैर्ठाई थी। अध्यक्ष पर सरकारी पद के दुरुपयोग और स्टाफ से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। अध्यक्ष से जवाबतलबी करते हुए सरकार ने उन्हें मेमोरेंडम जारी किया था।
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अपने खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अध्यक्ष ने सदस्य के खिलाफ दी गई शिकायतों पर फैसला नहीं लेने को लेकर नाराजगी जताई थी। इसी कड़ी में सरकार ने अब आयोग के सदस्य एसपी कत्याल के खिलाफ भी जांच करने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री का कार्यालय पहले सदस्य के खिलाफ जांच करवाने को तैयार नहीं था, लेकिन अब इस कार्यालय ने भी प्रधान सचिव को जांच की मंजूरी दे दी है।
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प्रारंभिक जांच में दोनों की कार्यप्रणाली पर उठे हैं सवाल
संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा हितेश आजाद ने सरकार के आदेशानुसार मामले की प्रारंभिक जांच की है। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि आयोग के सदस्य एसपी कत्याल पर अध्यक्ष केके कटोच प्रभावपूर्ण तरीके से कंट्रोल रखने में असफल साबित हुए हैं। अध्यक्ष और सदस्य के बीच किसी भी तरह का सामंजस्य नहीं है। इस कारण आयोग का काम प्रभावित हो रहा है।
बिना किसी पुख्ता कारणों के निजी संस्थानों में कोर्सिज को शुरू और बंद किया जा रहा है। निरीक्षण कमेटी की फाइलों को सदस्य को नहीं दिखाया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में अध्यक्ष द्वारा सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग की बात भी कही गई।