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वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'बेटे' की भूमिका निभाएगी हिमाचल पुलिस
Wed, 24 Jul 2019 12:51 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 24 Jul 2019 12:51 PM IST
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डीजीपी सीताराम मरडी
- फोटो : अमर उजाला
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कानून व्यवस्था संभालने और अपराधियों पर अंकुश लगाने का प्राथमिक जिम्मेदारी संभालने वाली हिमाचल पुलिस अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेटे की भूमिका निभाएगी। नियमित अंतराल पर वरिष्ठ नागरिकों को फोन कर पुलिस अधिकारी कुशल क्षेम पूछेंगे। साथ ही उनकी छोटी जरूरतों पर उन्हें सुविधा भी मुहैया कराने का प्रयास करेंगे। इस प्लान को अमली जामा पहनाने के लिए पुलिस मुख्यालय खाका तैयार कर रहा है। माना जा रहा है कि पहली अगस्त से पुलिस वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सुविधा शुरू कर देगी।
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कई विवादों में उलझने के बाद बुराई झेल चुकी हिमाचल पुलिस अब सामाजिक सरोकार कर अपनी इमेज सुधारने में जुट गई है। इसके तहत सूबे के उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुलिस को बेटे की भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं जो उम्र के आखिरी पड़ाव पर अकेले रह रहे हैं। डीजीपी सीताराम मरडी ने बताया कि इस प्रयास को शुरू करने से पहले प्रदेशभर में ऐसे सभी वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार की जाएगी जो हिमाचल में अकेले रह रहे हैं।
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ऐसे वरिष्ठ नागरिकों पुलिस मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से नियमित अंतराल पर कॉल कर की जाएगी। इस दौरान अगर कोई वरिष्ठ नागरिक पुलिस संबंधी शिकायत करता है तो उसे तत्काल मदद मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा अगर वरिष्ठ नागरिक को किसी छोटी बड़ी जरूरत की चीज लाने में दिक्कत होगी तो स्थानीय पुलिस कर्मी उनके पैसे लेकर जरूरत का सामान उन तक पहुंचाने का भी काम करेंगे।
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मरडी ने कहा कि चूंकि इस काम को मुख्यालय के स्तर से मानीटर किया जाएगा, ऐसे में उम्मीद यह है कि यह सफल तरीके से लागू होगा और इससे वरिष्ठ नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।