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हिमाचल पंचायत चुनाव: सात जिलों में जिप वार्डों का ड्राफ्ट किया जारी; 27 तक मांगे आपत्तियां व सुझाव
Sun, 22 Feb 2026 10:05 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 22 Feb 2026 10:05 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने जिला परिषद वार्डों के पुनर्सीमांकन की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुनर्सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वार्डों की अंतिम अधिसूचना जारी होगी। पढ़ें पूरी खबर...
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पंचायत चुनाव।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की प्रशासनिक तौर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद प्रदेश सरकार ने जिला परिषद वार्डों के पुनर्सीमांकन की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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शनिवार को शिमला, सोलन, कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर के जिला उपायुक्तों ने पुनर्सीमांकन की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी, जबकि कुल्लू और चंबा में यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। पुनर्सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वार्डों की अंतिम अधिसूचना जारी होगी। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार के उस नियम को रद्द कर दिया था, जिसके तहत पंचायत समिति के भीतर ही जिला परिषद वार्ड होने का प्रावधान किया गया था। इस कानूनी पेच के बाद अब सभी 12 जिलों में नए सिरे से वार्डों का निर्धारण किया जा रहा है।
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पंचायती राज विभाग की ओर से जारी निर्देशों पर के अनुसार संबंधित क्षेत्रों के लोग 27 फरवरी तक अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज करवा सकते हैं। जिला उपायुक्तों को इन आपत्तियों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर करना होगा। सभी अपीलों की सुनवाई के बाद 20 मार्च तक पुनर्सीमांकन की अंतिम अधिसूचना जारी करना अनिवार्य है। पुनर्सीमांकन का कार्य पूरा होते ही वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार के शेड्यूल के मुताबिक, निर्वाचन क्षेत्रों के आरक्षण की अंतिम सूची 31 मार्च तक जारी कर दी जाएगी। इसके तुरंत बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा।
पंचायतीराज विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में 31 मार्च तक पुनर्सीमांकन और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 31 मई से पहले चुनाव करवाने के दिए हैं निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 31 मई से पहले हर हाल में करवाने का आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खंडपीठ ने आरक्षण रोस्टर तैयार करने की समय सीमा 28 फरवरी से बढ़ाकर 31 मार्च की थी और निर्देश दिए थे कि सरकार को इस समयसीमा के भीतर हर हाल में आरक्षण रोस्टर फाइनल करना होगा। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग, पंचायती राज एवं शहरी निकाय विभाग और प्रशासन को जल्द चुनाव की अधिसूचना जारी करने को कहा था। हिमाचल में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी और 50 शहरी निकायों का कार्यकाल 18 जनवरी को पूरा हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 31 मई से पहले हर हाल में करवाने का आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खंडपीठ ने आरक्षण रोस्टर तैयार करने की समय सीमा 28 फरवरी से बढ़ाकर 31 मार्च की थी और निर्देश दिए थे कि सरकार को इस समयसीमा के भीतर हर हाल में आरक्षण रोस्टर फाइनल करना होगा। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग, पंचायती राज एवं शहरी निकाय विभाग और प्रशासन को जल्द चुनाव की अधिसूचना जारी करने को कहा था। हिमाचल में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी और 50 शहरी निकायों का कार्यकाल 18 जनवरी को पूरा हो चुका है।