Kinnaur Cloud Burst: रक्षम में बादल फटा, घरों को छोड़कर भागे ग्रामीण, पुल बहा
चांशल घाटी के पास बादल फटने से चिड़गांव के गुम्मा में भारी नुकसान हुआ है। पानी के तेज बहाव के कारण गुम्मा को जोड़ने वाला पुल बह गया। पुल बहने से गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गई है।
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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में बरसात कहर बरपा रही है। जिले के रक्षम गांव के पास बुधवार सुबह 6:30 बजे पहाड़ी पर बादल फट गया। इससे हुका नाले में बाढ़ आ गई। जैसे ही ग्रामीणों ने बाढ़ का शोर सुना वे डर के मारे घरों से बाहर भाग गए। बाढ़ आने से क्षेत्र में लाखों का नुकसान हुआ है। रक्षम गांव और कॉलोनी के बीच हुका नाले में बाढ़ आने से नरेश नेगी और छैरिंगपती की गोशालाओं को क्षति पहुंची है। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक कूहलों को नुकसान हुआ है। कई खेतों में मलबा भर गया है। नाले में वन विभाग के द्वारा लगाई करीब 50 क्रेटवाल, पंचायत की ओर से बनाई 500 मीटर सुरक्षा दीवार और पैदल रास्ता भी बाढ़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रधान सुशील कुमार नेगी और पूर्व प्रधान टिकम नेगी ने कहा कि बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे रक्षम की शोशला पहाड़ी में तूफान और बारिश के बीच अचानक जोर की गड़गड़ाहट हुई। इससे बादल फट गया। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में पानी आने से हुका नाले में बाढ़ आ गई। बाढ़ आने की सूचना मिलते ही ग्रामीण रिहायशी मकानों को छोड़ कर बाहर निकल गए। ग्रामीणों ने गोशालाओं में रखी गायों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। फिलहाल स्थिति सामान्य है और हुका नाले का जलस्तर भी कम हो गया है। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम भी पटवारी दीप कुमार नेेगी अगुवाई में घटनास्थल पर पहुंच गई। टीम बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। तहसीलदार सांगला जयचंद धीमान ने बताया कि रक्षम के हुका नाले में बाढ़ आने की सूचना मिली है। सूचना मिलते ही राजस्व टीम ने मौके का जायजा लिया।
बादल फटने से गुम्मा का पुल बहा, 15 गाड़ियां मलबे में फंसी
चांशल घाटी के पास बादल फटने से बुधवार सुबह चिड़गांव के गुम्मा में भारी नुकसान हुआ है। गुम्मा खड्ड में पानी के तेज बहाव के कारण गुम्मा को जोड़ने वाला पुल बह गया। पुल बहने से गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गई है। 15 गाड़ियां भी गांव में ही फंस गई हैं। पांच गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने गाड़ियों को मलबे से बाहर निकाला।
बुधवार सुबह करीब चार बजे बादल फटने से गुम्मा खड्ड में भारी मात्रा में पानी आ गया। इससे वन विभाग की ओर से वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मा और खेतों को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इससे गुम्मा के 67 परिवारों के करीब 400 लोग प्रभावित हुए हैं। घटना का पता चलने के तुरंत बाद बुधवार सुबह प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार सौरव धीमान टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि चांशल से नीचे कहीं बादल फटा। इससे गुम्मा खड्ड में पानी का तेज बहाव आया है। खड्ड में बाढ़ आने से एक मोटर योग्य पुल, एक निर्माणाधीन पुल, कृषि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट सरकार को भेजेगी।
एसडीएम रोहड़ू सुरेंद्र कुमार ने लोगों से अपील की कि वे नदी से दूर रंहे। तेज बारिश होने से भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इसके लिए लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है।
ठियोग की क्यारा नदी में तीन गाड़ियां बही
मंगलवार रात से क्षेत्र में जारी बारिश का कहर बुधवार को बरपा। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण जहां यातायात अवरुद्ध हो गया। वहीं कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। ठियोग की कयारा पंचायत स्थित नदी में सड़क किनारे पार्क किए तीन गाड़ियों के बहने की सूचना है। परिवहन निगम रामपुर डिपो की और आनी क्षेत्र में बुधवार को 16 बसें फंस गईं। यातायात बाधित होने से हजारों लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
बुधवार को रामपुर के कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। रामपुर से गौरा जाने वाले मार्ग पर फॉरेस्ट कॉलोनी के पास मार्ग बाधित हो गया। इस कारण गौरा, मशनू, किन्नू, दोफदा और रचोली पंचायत सहित अन्य क्षेत्रों का संपर्क कट गया है। उपमंडल के शनेरी, फांचा और सरपारा में भी भूस्खलन के चलते मार्ग बाधित हो गए हैं। इसके अलावा आनी उपमंडल के बागीपुल, सरघा, कुश्वा, केदस और बागीपुल मार्ग भी भूस्खलन के कारण यातायात के लिए अवरुद्ध है। लोक निर्माण विभाग बाधित ने मार्गों को बहाल करने में पूरी ताकत झोंक दी है।
परिवहन निगम रामपुर डिपो के अड्डा प्रभारी भाग चंद ने बताया कि उनके डिपो की 16 बसें अलग-अलग रूटों पर फंस हैं। आनी और रामपुर के कई मार्ग बाधित होने से बसों को नहीं भेजा जा रहा। स्थिति सामान्य होते ही बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। लोक निर्माण विभाग रामपुर के एसडीओ चंद्र कश्मीरी ने कहा कि बरसात के कारण सड़कों को नुकसान हो रहा है। बाधित मार्गों को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
मंगलवार देर रात से लगातार हो रही बरसात ने ठियोग क्षेत्र में कहर बरपाया है। उपमंडल की क्यारा पंचायत में नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के साथ खड़ी 3 गाड़ियां नदी में बह गईं। इसी पंचायत के मलयोग गांव में नदी के साथ खड़ी एक इको स्पोर्ट्स और जिप्सी नदी में समा गई। देहा से चौपाल को जाने वाली सड़क पर तारापुर के पास बड़ा ल्हासा आया। इस कारण सड़क घंटों बंद रही। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने दोपहर बाद मार्ग खोल दिया है।
डीएसपी ठियोग लखवीर सिंह ने बताया कि सुबह उन्हें नुकसान की सूचना मिली। पुलिस की टुकड़ी मौके पर भेजी है। उन्होंने लोगों से बरसात में नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है। आनी उपमंडल की नित्थर उपतहसील के कई क्षेत्रों में मंगलवार रात और बुधवार को बारिश होती रही। इस कारण क्षेत्र की सड़कें कई स्थानों पर अवरुद्ध हैं।