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किन्नौर हादसा: अभी भी फंसे हैं 150 सैलानी, आसपास की तीन पंचायतों में बिजली गुल
Mon, 26 Jul 2021 11:02 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, सांगला/रिकांगपिओ/शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, सांगला/रिकांगपिओ/शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 26 Jul 2021 11:02 PM IST
सार
छितकुल और रक्षम में अभी भी 150 सैलानी फंसे हुए हैं। छितकुल, रक्षम और बटसेरी पंचायतों में बिजली गुल है।
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होम स्टे में ठहरे पर्यटक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में सांगला-छितकुल मार्ग पर बीते रविवार को बटसेरी में पहाड़ी से दरकी चट्टानों की चपेट में आए पर्यटकों के शव पोस्टमार्टम के बाद हिमाचल भवन दिल्ली भेजे गए हैं। वहां आवासीय आयुक्त मृतकों के शवों को उनके परिजनों को सौंपेंगे। मृतकों में शामिल एक पर्यटक अमोच बापत नेवी के लेफ्टिनेंट थे। इनका शव कड़छम स्थित सेना के अधिकारियों को सौंपा गया है। इस हादसे में राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और दिल्ली के नौ पर्यटकों की मौत हो गई थी।
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छितकुल और रक्षम में अभी भी 150 सैलानी फंसे हुए हैं। छितकुल, रक्षम और बटसेरी पंचायतों में बिजली गुल है। विभिन्न विभागों और निजी संपत्ति को करीब 2.50 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। घाटी में फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को निकालने के लिए प्रशासन की टीमें सेना के साथ बचाव कार्य में जुटी हैं।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार 4-4 लाख रुपये राहत राशि देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से मृतकों के परिवारों को राहत के तौर पर 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने के लिए भी आभार जताया।
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सोमवार को एसडीएम कल्पा एवं जिला पर्यटन अधिकारी स्वाति डोगरा ने घटनास्थल का दौरा किया। उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि सांगला-छितकुल संपर्क मार्ग पर गुंसा के पास 300 मीटर बंद पड़ी सड़क को बहाल करने के लिए मशीनरी जुटी हुई है। यहां सुरक्षा घेरा भी बनाया गया है। डेढ़ करोड़ की लागत से बने 120 मीटर लंबे वैली ब्रिज की मरम्मत भी जल्द शुरू की जाएगी।