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निजी बसों की जांच नहीं कर सकते एचआरटीसी कर्मी: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 30 Oct 2015 09:46 AM IST
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हाईकोर्ट ने एचआरटीसी के कर्मचारियों की ओर से निजी बसों की चैकिंग को अवैध करार दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने प्राइवेट बस आपरेटर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दायर याचिका को मंजूर करते हुए यह निर्णय सुनाया।
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कोर्ट ने प्रार्थी संस्था को निर्देश दिए कि वह बस अड्डों पर अनुशासन बनाए रखे और सक्षम अधिकारियों के मांगने पर बस संबंधित दस्तावेज संतुष्टी के लिए दिखाए गए।
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मामले के अनुसार प्रार्थी संस्था ने क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी हमीरपुर व उनके कर्मचारियों के खिलाफ यह आरोप लगाया था कि वे उनकी बसों की चैकिंग करते हैं, जबकि आरटीए हमीरपुर ने उन्हें लाइसेंस जारी कर रखा है।
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याचिका में यह दलील दी गई कि एचआरटीसी को आरटीए ने बसों की चैकिंग के लिए अधिकृत नहीं किया है। एचआरटीसी की मनमानी के चलते उन्हें अपनी बसों को अड्डे से निकालने में देरी होती है।
एचआरटीसी के अनुसार बस अड्डे में बसों की चैकिंग कर सकते हैं जबकि कोर्ट ने एचआरटीसी की इस दलील से असहमति जताते हुए कहा कि बस स्टेंड मैनेजमेंट एडं डेवलपमेंट अथॉरिटी ही निजी बसों के कागजात की जांच कर सकती है।