महीने भर में मिलेगी ट्रैफिक जाम से निजात: चीफ जस्टिस
हिमाचल में अनियंत्रित ट्रैफिक से निपटने में सरकार नाकाम रही है। अब हाईकोर्ट को खुद इस मामले को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर ने शनिवार को राजधानी शिमला में मीडिया से रूबरू होकर कहा कि प्रदेश में एक महीने के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में विकराल समस्या बन चुके ट्रैफिक जाम से अति महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सात ट्रैफिक मैजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। ट्रैफिक जाम में समय की बर्बादी पर उन्होंने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि सड़कों पर स्कूली बच्चों का समय ट्रैफिक जाम में बर्बाद होना दुखद है। मुख्य न्यायाधीश शनिवार की सुबह सफाई अभियान के तहत रिज मैदान पहुंचे थे।
शिमला की बदलती सूरत पर जताई चिंता
यही उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान राजधानी शिमला की बदलती सूरत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार शिमला आए थे तो ऐतिहासिक शहर की हालत को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने कहा- इसके लिए मेरे साथ-साथ शहर के सभी लोग भी जिम्मेदार हैं।
सफाई के प्रति लोगों को अपना सामाजिक दायित्व समझना चाहिए। इस कार्य के लिए सहभागिता जरूरी है। मुख्यमंत्री की भी और मेरी भी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति जब अपने घर को साफ रखने में गंभीरता दिखाता है तो शहर को साफ रखने में ऐसा ही जज्बा क्यों नहीं दिखाया जाता।
कहा, देशहित के अभियान को राजनीतिक दृष्टि से न देखें
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हिमाचल में विधिक विश्वविद्यालय जल्द शुरू होगा। यहां तीन और पांच साल के डिग्री कोर्स करवाए जाएंगे। हिमाचल में बनने वाला विधिक विश्वविद्यालय भोपाल के बाद देश का दूसरा विश्वविद्यालय होगा। मंसूर अहमद मीर ने कहा कि हिमाचल के लोग भले मानस हैं।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर ने कहा कि देशहित में चलाए जाने वाले अभियान को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। इसमें सभी लोगों को शामिल होना चाहिए।