पढ़िए, कब जारी हो रहा है पंचायत आरक्षण रोस्टर
प्रदेश में नवंबर-दिसंबर में संभावित पंचायत चुनाव में कौन सा पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, इसका फैसला पांच दिन में हो जाएगा। राज्य चुनाव आयोग कभी भी चुनाव की तिथि घोषित कर सकता है। लिहाजा, राज्य सरकार ने पंचायती राज विभाग को 13 अक्तूबर तक आरक्षण रोस्टर फाइनल करने के आदेश दिए हैं।
पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने वीरवार को यह बात कही। प्रदेश में पंचायत चुनाव दो चरणों में होंगे। जनजातीय क्षेत्रों में पहले और उसके बाद अन्य क्षेत्रों में। राज्य में 3243 पंचायतें हैं। इनमें चुने हुए प्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर में पूरा होना है। सरकार का मानना है कि जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते ये चुनाव पहले कराए जा सकते हैं।
जिलों और ब्लॉकों की जनसंख्या के हिसाब से तैयार हो रहा रोस्टर
रोस्टर जिलों और ब्लॉकों की जनसंख्या के हिसाब से तैयार हो रहा है। इसके लिए 2011 की जनसंख्या को आधार बनाया गया है। इस बार का आरक्षण रोस्टर वर्ष 2010 में हुए पंचायत चुनाव का पहला रोटेशन होगा। धर्मशाला को नगर निगम बनाए जाने से भी पंचायत आरक्षण रोस्टर का काम रुका है। शहरी विकास विभाग की ओर से स्थिति साफ नहीं हो रही कि कौन-कौन सी पंचायतें नगर निगम में शामिल की जा रही हैं?
शहरी विकास विभाग को दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इसके बाद पंचायत चुनाव का रोस्टर लागू कर दिया जाएगा। सिरमौर और ऊना जिलों में रोस्टर लीक होने के मामले सामने आए हैं। ऊना जिले में महीने भर पहले व्हाट्सऐप पर लीक रोस्टर खूब पोस्ट होता रहा। सिरमौर में आजकल रोस्टर व्हाट्सऐप पर पोस्ट हो रहा है। हालांकि, अधिकारी इसे अंतिम रोस्टर मानने से इनकार कर रहे हैं।