{"_id":"6acdba66bc108f7f7e0b94e6","slug":"himachal-pradesh-cash-van-and-mobile-canteen-annual-vehicle-tax-proposal-2026-10-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तैयारी: हिमाचल प्रदेश में कैश वैन और फूड ऑन व्हील पर लगेगा वाहन कर? जानें कितना होगा सालाना शुल्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तैयारी: हिमाचल प्रदेश में कैश वैन और फूड ऑन व्हील पर लगेगा वाहन कर? जानें कितना होगा सालाना शुल्क
Tue, 13 Oct 2026 10:28 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 13 Oct 2026 10:28 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में कैश वैन और मोबाइल कैंटीन संचालकों को सालाना वाहन कर देना पड़ सकता है। प्रस्ताव में वाहन की श्रेणी के अनुसार 12 हजार से 30 हजार रुपये तक की दरें रखी गई हैं। सरकार ने मसौदे पर जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में कैश वैन और मोबाइल कैंटीन संचालित करने वालों के लिए वाहन कर से जुड़ा नया नियम आ सकता है। प्रदेश के परिवहन विभाग ने मोटरयान कराधान अधिनियम, 1972 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। इसके तहत इन वाहनों पर सालाना कर लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित व्यवस्था है और इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
विज्ञापन
प्रस्ताव के अनुसार, वाहनों की श्रेणी के आधार पर कर की राशि तय होगी। हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए सालाना 12 हजार से 15 हजार रुपये, मध्यम वाणिज्यिक वाहनों के लिए 20 हजार रुपये और भारी वाणिज्यिक वाहनों के लिए 30 हजार रुपये कर प्रस्तावित किया गया है।
विज्ञापन
वाहन की श्रेणी के अनुसार तय होगी कर की राशि
परिवहन विभाग के मसौदे में अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए अलग दरें रखने की बात कही गई है। इसमें कैश वैन और मोबाइल कैंटीन जैसे वाहनों को कर व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित दरों के मुताबिक, हल्के वाणिज्यिक वाहन के लिए सालाना कर 12 हजार से 15 हजार रुपये के बीच हो सकता है। मध्यम श्रेणी के वाहन पर 20 हजार रुपये और भारी वाणिज्यिक वाहन पर 30 हजार रुपये सालाना कर का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
Trending Videos
दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर भी लागू हो सकता है नियम
प्रस्तावित व्यवस्था केवल हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत वाहनों तक सीमित नहीं है। दूसरे राज्यों में पंजीकृत संबंधित वाहनों को भी इसके दायरे में लाने की बात कही गई है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो प्रदेश में चलने वाले ऐसे वाहनों के संचालकों पर इसका असर पड़ सकता है।
सरकार ने 30 दिन में मांगे सुझाव
अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) ओंकार चंद शर्मा के आदेशानुसार संशोधन का मसौदा ई-राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। सरकार ने इस पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
निर्धारित अवधि में प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद सरकार आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। इसलिए वाहन संचालकों के लिए फिलहाल यह जानना जरूरी है कि प्रस्तावित दरें अभी अंतिम नहीं हैं। कर कब से लागू होगा और अंतिम अधिसूचना में क्या प्रावधान होंगे, इसकी जानकारी सरकार के अगले निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रस्तावित व्यवस्था केवल हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत वाहनों तक सीमित नहीं है। दूसरे राज्यों में पंजीकृत संबंधित वाहनों को भी इसके दायरे में लाने की बात कही गई है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो प्रदेश में चलने वाले ऐसे वाहनों के संचालकों पर इसका असर पड़ सकता है।
सरकार ने 30 दिन में मांगे सुझाव
अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) ओंकार चंद शर्मा के आदेशानुसार संशोधन का मसौदा ई-राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। सरकार ने इस पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
निर्धारित अवधि में प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद सरकार आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। इसलिए वाहन संचालकों के लिए फिलहाल यह जानना जरूरी है कि प्रस्तावित दरें अभी अंतिम नहीं हैं। कर कब से लागू होगा और अंतिम अधिसूचना में क्या प्रावधान होंगे, इसकी जानकारी सरकार के अगले निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।