फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal pradesh budget 2018 and challenges for government

बजट लोक लुभावन, मगर अनछुए रह गए कुछ पहलू, आप भी जानिए

Sat, 10 Mar 2018 01:04 PM IST
अरुणेश पठानिया, अमर उजाला, शिमला
अरुणेश पठानिया, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 10 Mar 2018 01:04 PM IST
विज्ञापन
himachal pradesh budget 2018 and challenges for government

केंद्रीय बजट की तरह जयराम सरकार का भी किसानों-बागवानों के साथ ग्रामीण परिवेश पर अधिक फोकस रहा। पहले ही बजट को मुख्यमंत्री टीम ने लोक लुभावने रंग देकर हर वर्ग का चेहरा खिलाने की कोशिश की है। गोवंश संरक्षण को शराब की बोतल पर सेस लगाने जैसे अनूठे प्रयोग दिखे। वादे के अनुरूप स्वर्णिम दृष्टि पत्र को मार्गदर्शक अभिलेख बना दिया, लेकिन कई वादे अब भी अधूरे हैं। 27 नई योजनाओं से कुछ नया करने की कोशिश भी दिखी।

विज्ञापन


नई नौकरियों पर बजट मौन दिखा, लेकिन स्वरोजगार में 40 लाख तक के पूंजी निवेश पर कैपिटल सब्सिडी के साथ ब्याज दरों में 5 प्रतिशत उपदान देने की पहल हुई। नए उद्योग लगाने की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री के अधीन हो गई, जबकि पुराने उद्यमियों को बिजली दरों में कटौती की सौगात मिली। मनरेगा में काम के दिन बढ़ाकर कांग्रेस की योजना का सहारा लिया।
विज्ञापन


भाजपा इस बजट से गदगद होकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन कांग्रेस और सीपीएम ने आर्थिक फ्रंट पर कुछ कड़े और कड़वे सवाल दागे हैं। गले तक कर्ज में डूबी सरकार व्यय नियंत्रण आयोग की चुनावी घोषणा पर चुप दिखी। राजस्व संसाधन बढ़ाने की दिशा और दशा नहीं होने के साथ नौकरियों पर सरकार के मौन पर सत्र के शेष हिस्से में विपक्ष हंगामा कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश की गिरती विकास दर

himachal pradesh budget 2018 and challenges for government

प्रदेश की गिरती विकास दर और 47,500 करोड़ रुपये के कर्ज के बीच मुख्यमंत्री जयराम के बजट पिटारे से कई घोषणाएं हुईं। किसानों को सस्ती बिजली, नई योजनाओं में किसानों-बागवानों को जल से कृषि बल, सौर सिंचाई, शून्य लागत जैविक खेती की प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान से लेकर मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना से साबित किया की प्रदेश की जीडीपी में नौ प्रतिशत हिस्से वाले कृषि सेक्टर को सुधार गिरती विकास दर में बढ़ोतरी की कोशिश हुई है।

हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना से महिलाओं की रसोई में गैस और चूल्हा देने के साथ उनकी सुरक्षा पर गुड़िया हेल्पलाइन की प्रतिबद्धता दिखी। पशुपालन, मधुमक्खी पालन और मत्स्य पालन तक में नई योजनाएं देकर कृषि आधारित आर्थिकी की रीढ़ मजबूत की गई है।

जयराम ने अपनी चुनावी घोषणाओं में जनता से कई वादे किए, जिसमें कुछ की छाप बजट में दिखी। दृष्टिपत्र का गोसेवा आयोग का वादा मुख्यमंत्री ने पूरा कर गोवंश के प्रति राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की कोशिशों को आगे बढ़ाया है। स्वरोजगार की बात मुख्यमंत्री स्वावलंबन और मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना के लिए 155 करोड़ रखा है।

विपक्ष अपने मुद्दों को बता रहा वाजिब

himachal pradesh budget 2018 and challenges for government

मुख्यमंत्री जयराम के सूटकेस से निकाली घोषणाएं कांग्रेस और सीपीएम को सूट नहीं कर रही हैं। विपक्ष एक सुर में इसे नकार रहा है, जिसकी तीन वजहें बताई गई हैं। बेरोजगारों के लिए नौकरियां, कर्जे से उबरने के लिए कोई उपाय नहीं होने और राजस्व बढ़ाने की दिशा तय नहीं होना अखर रहा है।

इन मुद्दों पर घेराबंदी की तैयारी में विपक्ष
- 47,500 करोड़ कर्जा घटाने पर सरकार मौन
- नई नौकरियों को लेकर सरकार ने नहीं दिया रोडमैप
- प्रदेश सीमा पर बैरियर से एंट्री टैक्स नहीं हटा
- रूसा खत्म करने पर बजट में कुछ नहीं
- पुरानी पेंशन योजना के लिए समिति का गठन नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed