Himachal Pradesh: चंबा-जोत मार्ग पर कार में जलने वाला बीएसएफ जवान निकला जिंदा, पढ़ें पूरा मामला
29 जून को कार में जिंदा जलने से बीएसएफ जवान की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस बीएसएफ जवान अमित राणा को बंगलूरू से जिंदा पकड़कर चंबा लाई है।
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हिमाचल प्रदेश के चंबा-जोत मार्ग पर गत 29 जून को कार में जिंदा जलने से बीएसएफ जवान की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस बीएसएफ जवान अमित राणा को बंगलूरू से जिंदा पकड़कर चंबा लाई है। अमित से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने उसकी शिनाख्त के लिए स्थानीय पंचायत प्रधान को भी चंबा बुलाया है। जवान के जिंदा पकड़े जाने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उस दिन कार में जिंदा जलने वाला व्यक्ति कौन है। उसकी हत्या तो नहीं हुई है। कार में बीएसएफ जवान के जिंदा जलने की घटना के बाद मौके के हालात और साक्ष्यों से पुलिस प्रारंभिक जांच से ही घटना को संदेह की नजर से देख रही थी।
पुलिस ने जांच में पाया कि जहां घटना हुई थी, वह काफी खुली है। आग लगने के बाद कार खाई में गिरने के बजाय सड़क पर ही कैसे रह गई। कार में ब्लास्ट भी नहीं हुआ तो व्यक्ति खुद को बचाने में कामयाब क्यों नहीं हो पाया। इन बिंदुओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को आभास हुआ कि घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। उधर, एसपी चंबा अभिषेक यादव ने बताया कि बीएसएफ जवान अमित को चंबा लाया गया है। आगामी कार्रवाई की जा रही है।
बीते 29 जून की मध्यरात्रि चंबा-जोत मार्ग पर करीब दो किलोमीटर नीचे कार में आग लगने से इसमें सवार व्यक्ति की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। मृतक की पहचान बीएसएफ जवान अमित राणा पुत्र रघुवीर निवासी गेहीनिगोड तहसील नूरपुर के तौर पर हुई थी। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार में भड़की आग पर काबू पाया।
पुलिस को कार के भीतर जले हुए व्यक्ति के अवशेष मिले थे। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे। इस घटना को लेकर अमित के परिजनों ने भी किसी तरह का संदेह जाहिर नहीं किया था। परिजनों के मुताबिक अमित अपने दोस्तों से मिलने के लिए कार में सवार होकर चंबा की ओर आ रहा था।