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विधानसभा शीत सत्र: संस्थानों को डिनोटिफाई करने के विरोध में तपा तपोवन, हंगामे के साथ विपक्ष का वाकआउट

Wed, 04 Jan 2023 08:57 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन(धर्मशाला)
अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन(धर्मशाला) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 04 Jan 2023 08:57 PM IST
सार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने संस्थानों को डिनोटिफाई करने का मुद्दा उठाया और सरकार की इस कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण करार देते हुए इसका विरोध किया, जिसके बाद सदन में खूब हंगामा और नारेबाजी होती रही।

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विपक्ष का वाकआउट। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा के शीत सत्र का पहला दिन बुधवार को धर्मशाला के तपोवन विधानसभा भवन में हंगामेदार रहा। संस्थानों को डिनोटिफाई करने के विरोध में विपक्षी भाजपा विधायकों ने हंगामा करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ लेने से पहले ही तपोवन सदन हंगामे से तपने लगा।हंगामा शांत हुआ तो शपथ समारोह हुआ। इसके बाद विपक्ष फिर आक्रामक हो गया।

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सदन में सत्ता पक्ष के विधायक भी विपक्ष पर जुुबानी हमले करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के वक्तव्य के बीच ही विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। सुक्खू के नेतृत्व की सरकार का यह पहला विधानसभा सत्र है। बुधवार को 11 बजे सदन की कार्यवाही जैसे ही राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई तो यहां शपथ समारोह शुरू करने से पहले ही विपक्ष हमलावर हो गया।
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने संस्थानों को डिनोटिफाई करने का मुद्दा उठाया और सरकार की इस कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण करार देते हुए इसका विरोध किया, जिसके बाद सदन में खूब हंगामा और नारेबाजी होती रही। प्रोटेम स्पीकर चंद्र कुमार बार-बार कार्यवाही चलने देने का अनुरोध करते रहे। बाद में हंगामा शांत हुआ तो सीएम समेत सभी विधायकों ने विधानसभा सदस्य के रूप में बारी-बारी शपथ ली।
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एक बजे के बाद जैसे ही नेता प्रतिपक्ष के उठाए विषय पर सीएम जवाब देने उठे तो विपक्ष असंतोष जताते हुए हंगामा करता रहा। इस बीच सीएम सुक्खू और जयराम ठाकुर के बीच नोकझोंक होती रही। बाद में विपक्षी भाजपा के सदस्य सदन से नारे लगाते हुए बाहर चले गए।

नौ माह में ऐसी दैवीय शक्ति आ गई कि 900 संस्थान खोल दिए : सुक्खू
सीएम सुक्खू ने पत्रकार वार्ता में कहा कि पहले भी पांच सीएम हुए हैं, पर इतने संस्थान कभी नहीं खुले हैं, जितने पिछली सरकार ने खोले। पहले हमारी सरकार बजट का प्रावधान करेगी, उसके बाद ही इन संस्थानों को खोला जाएगा। जहां शिक्षक होंगे, वहां स्कूल खोल देंगे। सुक्खू ने कहा कि नौ माह में ऐसी दैवीय शक्ति आ गई कि 900 संस्थान खोल दिए।

प्रदेश में तमाशा बना दिया: जयराम 
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कार्यरत संस्थानों को बंद किया गया। सदन में इसका विरोध किया गया। वह केवल यही कहना चाहते हैं कि प्रदेश में तमाशा बना दिया गया है। कैबिनेट के निर्णय बदल दिए गए। पहली बार सरकार बनने के दस दिन के अंदर लोग सड़कों पर आ गए।

दूसरे दिन भी हंगामे के भी आसार
सत्र के दूसरे दिन वीरवार को भी सदन में हंगामे के आसार हैं। सदन की कार्यवाही की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष की चुनाव की प्रक्रिया से होगी। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इस अभिभाषण में राज्यपाल प्रदेश सरकार की उपलब्धियां बताएंगे। अभिभाषण के दौरान और उसके बाद सदन में हंगामे के आसार हैं। 

डिनोटिफाइड संस्थानों पर सवाल पूछना विपक्ष का दायित्व: सुक्खू

डिनोटिफाइड संस्थानों पर सवाल पूछना विपक्ष का दायित्व बनता है। अगर भाजपा सरकार की ओर से खोले गए इन संस्थानों का जनता को लाभ होता तो वह उन्हें बाहर का रास्ता कभी नहीं दिखाती। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार अगर पहले भर्तियां करती और उसके बाद संस्थानों को खोलती तो आज प्रदेश में बेरोजगारों की फौज खड़ी नहीं होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में करवाई गईं कई भर्तियां आज भी कोर्ट में फंसी हैं। पूर्व सरकार ने बेरोजगारों को रोजगार देने के नाम पर ठगा है। शासन के अंतिम नौ महीनों में पूर्व मुख्यमंत्री के पास ऐसी कौन से दैवीय शक्ति आ गई कि उन्होंने बिना लेक्चरर स्कूल, बिना डॉक्टर स्वास्थ्य संस्थान और बिना एसडीएम उपमंडल कार्यालय खोल दिए।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार की ओर से खोले गए इन 900 संस्थानों में स्टाफ और सुविधाएं मुहैया करवाई होतीं तो इन्हें बंद करने की जरूरत ही नहीं होती। वहीं, अगर इन संस्थानों से प्रदेश की जनता को कोई लाभ होता तो आज भाजपा विपक्ष में नहीं बैठी होती।

सदन में खत्म हुई टोपियों की राजनीति
लाल और हरे रंग की टोपी में बंटी प्रदेश की सियासत के सारे रंग सदन के पहले सत्र में ही आपस में मिल गए। विपक्ष के खेमे में कई विधायक हरे रंग की टोपी में दिखे। वहीं, सत्ता पक्ष के पाले में कई विधायक लाल रंग की टोपी पहनकर पहुंचे थे। दर्शक दीर्घा में सदन की कार्यवाही देखने आए दर्शक टोपियों की राजनीति के अंत के रूप में देख रहे हैं। 

अफसरों की गैलरी में बैठ गए एक नेता
सदन में सभापति की दायीं तरफ बनी अफसरों की गैलरी में आकर एक बड़े नेता बैठ गए। उनके बैठने का तरीका भी शोभनीय नहीं था। विपक्ष की ओर से सदन में यह मुद्दा उछाला गया। सदन में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। इसके बाद उस नेता को गैलरी से बाहर जाना पड़ा।

दो लग्जरी कारों मर्सिडीज के साथ निक्का ने की ग्लैमरस एंट्री
सत्र के पहले दिन नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का ने दो लग्जरी कारों मर्सिडीज के साथ ग्लैमरस एंट्री की। एक कार में वह स्वयं सवार होकर आए। दूसरी कार में उनके साथ आए समर्थक बैठे थे। दून के विधायक राम कुमार महंगी ऑडी गाड़ी में विधानसभा परिसर पहुंचे। 

पहली बार चुने 23 विधायकों ने ली शपथ
हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 40 सीटें जीतने के बाद कांग्रेस ने सरकार बनाई है। मौजूदा विधानसभा में इस बार कुल 68 विधायकों में से 23 विधायकों ने सदन में पहुंचकर विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। इनमें कांग्रेस के 14, भाजपा के आठ और एक निर्दलीय विधायक है।

कुलदीप, सुल्तानपुरी, चैतन्य ने माथा टेककर दहलीज पर रखा कदम
चौदहवीं विधानसभा के पहले सत्र में विधानसभा पहुंचे तीन विधायकों ठियोग से कुलदीप राठौर, गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा और कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी से विधानसभा की दहलीज पर कदम रखने से पहले सदन की ओर देखकर माथा टेका। इसके बाद पहली सीढ़ी पर कदम रखा।

गोमा और पठानिया ने झुककर लिया प्रोटेम स्पीकर का आशीर्वाद
सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य और प्रोटेम स्पीकर ने सदन में सभी नवनिर्वाचित विधायकों को शपद दिलवाई। इस दौरान केवल सिंह पठानिया और यादविंद्र गोमा ने प्रोटेम स्पीकर चंद्र कुमार के आगे झुककर उनका आशीर्वाद लिया। 

दर्शक दीर्घा में बजी तालियां
नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में पूरे प्रदेश के लोग सदन की दर्शक दीर्घा में पहुंचे थे। दर्शकों को दीर्घा में खड़े होने के लिए स्थान नहीं मिला तो वे सत्र के दौरान खड़े ही रहे। इस दौरान बार-बार लोगों की ओर से उनके क्षेत्र के विधायक के शपथ के लिए जाने पर तालियों के साथ अभिवादन किया गया। हालांकि सदन की मर्यादा और गरिमा के मद्देनजर सभापति को दर्शकों से ताली न बजाने का आग्रह भी करना पड़ा।

गेट पर ही जमा कर लिए फोन
विधानसभा सत्र के दौरान इस बार सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। विधायकों, अफसरों और मीडिया कर्मियों के अलावा विधानसभा परिसर में आने वाले फरियादियों और अन्य लोगों के फोन गेट पर जमा कर लिए गए। इसके अलावा पास के साथ ही परिसर में एंट्री मिल रही है। 

मेहमान दीर्घा में पहुंचीं प्रतिभा, सुक्खू की बेटी, भरमौरी और बुटेल
शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी पहुंचीं। मेहमान दीर्घा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की बेटी, पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बृज बिहारी बुटेल सहित विधायकों के रिश्तेदार और नेता पहुंचे। 

दस विधायकों ने ली अंग्रेजी में शपथ
कुल 68 में से दस विधायकों ने अंग्रेजी भाषा में शपथ ग्रहण की। देहरा के विधायक होशियार सिंह, चंबा के विधायक नीरज नैयर, नगरोटा बगवां के विधायक रघुवीर बाली, फतेहपुर के विधायक भवानी सिंह पठानिया और शिलाई के विधायक हर्षवर्धन राठौर ने अंग्रेजी भाषा में शपथ ली। इसके अलावा शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा, रामपुर के विधायक नंद लाल, शिमला ग्रामीण के शहरी विक्रमादित्य सिंह और किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने अंग्रेजी भाषा में शपथ ली।

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