हिमाचल प्रदेश: उपचुनाव में 14852 ने दबाया नोटा, आठ प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त
हिमाचल में 14852 लोगों ने वर्तमान सियासी विकल्पों को नकारते हुए नोटा के बटन को दबाकर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की। मंडी संसदीय क्षेत्र में तो जीत हार के अंतर से करीब दोगुना वोट नोटा को मिला और वह तीसरे स्थान पर रहा। कांग्रेस और भाजपा के अलावा तीसरे विकल्पों को नकारते हुए मंडी संसदीय क्षेत्र में रिकॉर्ड नोटा चला।
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हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव में मतदाताओं ने इनमें से कोई नहीं (नोटा) के बटन को भी जमकर दबाया। कुल 14852 लोगों ने वर्तमान सियासी विकल्पों को नकारते हुए नोटा बटन को दबाकर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की। मंडी संसदीय क्षेत्र में तो जीत-हार के अंतर से करीब दोगुना वोट नोटा को मिला और वह तीसरे स्थान पर रहा। कांग्रेस और भाजपा के अलावा तीसरे विकल्पों को नकारते हुए मंडी संसदीय क्षेत्र में रिकॉर्ड नोटा चला। 12661 लोगों ने सभी राजनीति पार्टियों से किनारा किया है, जबकि इस सीट पर जीत-हार का अंतर महज 7490 वोट का रहा। सूबे के चुनावी इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा, जब इतना अधिक नोटा पड़ा है। कांग्रेस-भाजपा को छोड़ मैदान में डटे अन्य चार प्रत्याशियों के कुल वोट भी नोटा से कम हैं।
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कांग्रेस-भाजपा के अलावा अन्य चार प्रत्याशियों को कुल 7772 मत ही पड़े हैं। लोक नीति पार्टी की अंबिका श्याम को 3617, आजाद प्रत्याशी मुंशी राम ठाकुर को 1262, अनिल कुमार को 1119, सुभाष मोहन स्नेही को 1772 वोट पड़े। सबसे अधिक नोटा नाचन में दबा है, जहां 1959 ने तो बल्ह में 1647, किन्नौर में 1006 ने नोटा दबाया है। भरमौर में 379, लाहौल स्पीति में 120, मनाली में 476, कुल्लू 993, बंजार में 513, आनी में 532, करसोग में 463, सुंदनगर में 885, सराज में 372, द्रंग में 572, जोग्रिंद्रनगर में 807, मंडी में 925, सरकाघाट में 565, रामपुर में 412, डाक मतपत्र में भी 35 नोटा दबे हैं।
अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी नोटा तीसरे नंबर पर रहा। 1626 लोगों ने नोटा दबाया। फतेहपुर में भी 389 और 176 ने नोटा को प्राथमिकता दी। महंगाई, बेरोजगारी के अलावा कई अन्य मुद्दे भी हावी रहे। सवर्ण आयोग के गठन, डिपो धारकों की मांगें और जेबीटी की बैचवाइज भर्ती की मांग को लेकर भी कई संगठनों ने मतदान से पहले ही विभिन्न मंचों पर नोटा दबाने का एलान किया था। वहीं, किन्नौर, रामपुर और चंबा के कुछ इलाकों में तो लोगों ने चुनाव का बहिष्कार भी किया था।
18 में से आठ प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त
उपचुनाव में कुल 18 प्रत्याशियों में से आठ की जमानत जब्त हो गई। जुब्बल-कोटखाई में सत्तारूढ़ भाजपा की नीलम सरैईक जमानत बचाने के लिए जरूरी कुल मतदान में से 1/6 मत भी हासिल करने में नाकाम रहीं और 2644 वोट पर ही सिमटकर रह गईं। वहीं, निर्दलीय सुमन कदम को भी 170 वोट ही मिले। अर्की में निर्दलीय जीत राम को नोटा से कम वोट मिले और वह 547 वोट ही हासिल कर सके। फतेहपुर में हिमाचल जन क्रांति पार्टी के पंकज कुमार दर्शी को 375 तो निर्दलीय डॉ. अशोक कुमार सोमल को सिर्फ 295 वोट मिले। मंडी में राष्ट्रीय लोक नीति पार्टी की अंबिका श्याम को 3617, हिमाचल क्रांति पार्टी के मुंशीराम ठाकुर को 1262, निर्दलीय अनिल कुमार 1119 और सुभाष मोहन स्नेही को 1772 वोट मिले। इन सभी की दस हजार रुपये की जमानत की राशि बचाने के लिए न्यूनतम वोट न मिलने पर जब्त हो गई।