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गुड़िया केस: क्या आईजी की इस गलती से खुद CBI के शिकंजे में फंसी पुलिस

Thu, 31 Aug 2017 10:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 31 Aug 2017 10:17 AM IST
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Himachal Police Biggest Mistake in Gudiya Gangrape and murder case.

गुड़िया प्रकरण में शुरू से ही एसआईटी प्रमुख आईजी जहूर एच जैदी की जल्दबाजी से पुलिस प्रशासन कटघरे में रहा। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी एक साथ नहीं की गई। पहले आशीष चौहान को आरोपी बताया गया और चंद घंटों बाद ही राजू, सुभाष सिंह, दीपक, सूरज, लोकजन उर्फ छोटू को गिरफ्तार करने की बात सामने आई।

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इसके बाद जब प्रेस वार्ता की गई तो उसमें आशीष चौहान को छोड़ बाकी सभी आरोपियों को हत्या और दुराचार करने का आरोपी बताया गया। ऐसे में सवाल ये भी उठा कि आशीष का इस केस से कोई ताल्लुक नहीं है तो उसकी गिरफ्तारी क्यों की गई, इस सवाल पर भी जैदी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए थे।
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यही नहीं, ऐसे कई अनसुलझे सवालों पर जैदी लगातार घिरते रहे। बाद में जब आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में मौत हुई तो जैदी की मुश्किलें और बढ़ गईं। वारदात वाले दिन ड्यूटी पर तैनात संतरी के खुलासे ने जैदी समेत आठ पुलिसवालों को हवालात में पहुंचा दिया।

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दो घंटे बाद ही बदल गई थी पूरी कहानी

Himachal Police Biggest Mistake in Gudiya Gangrape and murder case.

घटना वाली सुबह पुलिस के आधिकारिक प्रेस नोट में सिर्फ आशू की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। खास बात यह है कि प्रेस नोट जारी करने के दो घंटे बाद ही पांच अन्य लोगों की गिरफ्तारी की चौंकाने वाली कहानी सामने आई थी।

अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस के पास जानकारी थी कि आशू मुख्य आरोपी नहीं है तो 13 जुलाई वीरवार की सुबह 11 बजे तक सिर्फ  उसे गिरफ्तार क्यों दिखाया गया। केस में अगर 55 घंटे की तफ्तीश थी और पुलिस शुरू से सही दिशा में काम कर रही थी तो सभी छह आरोपियों की गिरफ्तारी एक साथ क्यों नहीं दिखाई गई?

इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए थे जैदी

Himachal Police Biggest Mistake in Gudiya Gangrape and murder case.

सिर्फ आशू की गिरफ्तारी का खुलासा करने की क्या जल्दी थी? ऐसी सब बातों को एसआईटी प्रमुख जैदी साफ नहीं कर पाए। इसके बाद जब सूरज की कस्टोडियल डेथ हुई तो उसका इल्जाम भी राजू पर लगाया गया और उस पर मामला दर्ज किया गया।

संतरी के बयान के बाद जैदी समेत पूरी एसआईटी सवालों के घेरे में आ गई। सीबीआई को जब इसका सुराग मिला कि सूरज की मौत के जिम्मेवार पुलिस कर्मी ही हैं तो एसआईटी प्रमुख जैदी की बनाई कहानी गलत साबित होने से वे बुरी तरह से घिर गए। 

चंद घंटे में कैसे सामने आए पांच आरोपी

Himachal Police Biggest Mistake in Gudiya Gangrape and murder case.

आरोपी आशीष चौहान की गिरफ्तारी की खबर के सार्वजनिक होने के बाद राज्य पुलिस यह मानकर चल रही थी कि वह पूरे मामले में संलिप्त है। इसके पीछे की ठोस वजह उसकी पृष्ठभूमि मानी जा रही थी। उसे नशे का आदी कहा जा रहा था।

उसकी मोबाइल फोन की डिटेल और फोन के भीतर मिले डाटा के आधार पर पुलिस उसे आरोपी मानती रही। साथ ही आशीष चौहान से लगातार हो रही पूछताछ में कुछ और संदिग्धों के नाम सामने आने का दावा किया जा रहा था।

हालांकि आशीष चौहान के गुड़िया के कत्ल और दुराचार के मामले में संलिप्त होने के कोई भी पुख्ता सबूत जांच टीम के हाथ नहीं लगे। बावजूद इसके पहली गिरफ्तारी पुलिस प्रशासन की ओर से आशीष चौहान की ही दिखाई गई। ऐसा क्यों किया गया? इसका भी एसआईटी प्रमुख जैदी कोई साफ जवाब नहीं दे पाए। 

जैदी पर कस्टोडियल डेथ मामले में गुनाहगारों को बचाने का आरोप 

Himachal Police Biggest Mistake in Gudiya Gangrape and murder case.

जहूर एच जैदी पर कस्टोडियल डेथ मामले में गुनाहगारों को बचाने का आरोप है और गुड़िया मामले के आरोपी राजू पर हत्या का झूठा मामला बनाने के भी इल्जाम हैं। सीबीआई मान चुकी है कि पुलिसकर्मियों ने ही सूरज को मारा। 

कौन हैं आईजी जैदी
जहूर हैदर जैदी हिमाचल प्रदेश काडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। मूल रूप से जौनपुर के बड़ा गांव, शाहगंज के रहने वाले जैदी ने राजस्थान के अजमेर और यूपी के लखनऊ में अपनी पढ़ाई पूरी की।

वह 2006 से 2009 तक प्रतिनियुक्ति पर लखनऊ में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं। लगभग सवा तीन साल लखनऊ में रहने के बाद वह इंडोनेशिया में भारतीय दूतावास में काउंसलर के पद पर तैनात रहे।
 
गुड़िया मामले की छानबीन पर सवाल उठने के बाद शिमला पुलिस से यह केस वापस जांच की जिम्मेदारी विशेष जांच टीम (एसआईटी) को दी गई। इस एसआईटी के प्रमुख जहूर हैदर जैदी बनाए गए। जैदी हिमाचल पुलिस की दक्षिणी जोन शिमला में आईजी थे।

यानी उनके पास शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिलों के पुलिस अधीक्षकों की निगरानी भी थी। इस मामले की पुलिसिया छानबीन पर उठे बवाल के बाद आईजी जैदी का दक्षिणी रेंज शिमला से पुलिस मुख्यालय के लिए तबादला कर दिया गया। 

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