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हिमाचल प्रदेश: शिमला में बारिश के बीच गरजे पेंशनर, सड़क पर रोके वाहन, पुलिस से नोकझोंक

Tue, 01 Sep 2026 12:10 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 01 Sep 2026 12:10 PM IST
सार

Himachal Pensioners Protest: हिमाचल प्रदेश में लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान की मांग को लेकर पेंशनरों का राज्यस्तरीय आंदोलन मंगलवार को राजधानी शिमला में शुरू हो गया। पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पेंशनर चौड़ा मैदान पहुंचे और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने लंबित डीए/डीआर एरियर, संशोधित वेतनमान के बकाये और चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई।

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शिमला में पेंशनरों का धरना। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेश के पेंशनरों ने प्रदर्शन किया। लंबित देनदारियां को जारी करने की मांग को लेकर सुबह 11:00 बजे ही पेंशनर चौड़ा मैदान पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। बारिश के बीच भी पेंशनरों प्रदर्शन में डटे रहे। पेंशनरों ने चौड़ा मैदान से गुजर रही गाड़ियों को भी रोक दिया। मजबूरन पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। करीब पांच घंटे तक पेंशनर चौड़ा मैदान में डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन स्थल से वाहनों के आवाजाही को लेकर पेंशनरों और पुलिस अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। पेंशनरों ने प्रदर्शन स्थल पर वाहनों को रोक दिया। इसको लेकर पेंशनरों और पुलिस अधिकारियों के बीच काफी देर तक बहस हुई।

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इस दौरान मुख्य सड़क पर गाड़ियों का दबाव बढ़ गया और जाम की स्थिति बनी रही। पेंशनर नेताओं ने कहा कि सरकार के पास करीब 1.90 लाख पेंशनरों की 7,000 हजार करोड़ की देनदारियां लंबित हैं। संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में पहुंचे पेंशनरों ने सरकार पर तीखा हमला बोला। कहा कि आज जो पेंशनर हैं, उन्होंने पूरा जीवन प्रदेश की सेवा के लिए दे दिया। अब बुढ़ापे में अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। प्रदर्शन के माध्यम पेंशनरों ने लंबित डीए, एरियर, संशोधित वेतनमान, चिकित्सा बिल समेत अन्य मांगों को लेकर आवाज उठाई। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक मंगलवार रात और बुधवार को हो रही है।

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इस बैठक में आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगला आंदोलन उग्र होगा। अध्यक्ष ने कहा कि पेंशनरों को उनके अधिकार नहीं मिल जाएंगे, पेंशनरों का आंदोलन जारी रहेगा। समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव भूप राम वर्मा, चमन भाटिया, ओपी चौहान, विनोद सूद, नीलम चौहान, चेत राम वर्मा, हिमंत राम इत्यादि नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित किया। राजधानी में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। करीब तीन बजे शिमला में बारिश शुरू हुई लेकिन बारिश में भी पेंशनरों के फैसले बुलंद रहे। बारिश के बीच भी पेंशनर सैकड़ों पेंशनर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते रहे।




 

1.90 लाख पेंशनरों की 7,000 हजार करोड़ की देनदारियां लंबित
समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में करीब 1.90 लाख पेंशनर हैं। इन पेंशनर का प्रदेश सरकार के पास करीब 7,000 करोड़ की देनदारियां बनती हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी अदायगी नहीं हो जाती पेंशनरों की लड़ाई जारी रहेगी।

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