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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal: No more discrimination in mid-day meals; students will be seated according to their roll numbers.

Himachal News: मिड-डे मील में भेदभाव पर नपेंगे कर्मचारी, सभी बच्चे एक साथ रोलनंबर के आधार पर बैठकर करेंगे भोजन

Fri, 26 Jun 2026 08:06 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 26 Jun 2026 08:06 PM IST
सार

 सरकारी स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) योजना के तहत मिड-डे मील में भेदभाव पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। 

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Himachal: No more discrimination in mid-day meals; students will be seated according to their roll numbers.
मिड-डे मील। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) योजना के तहत मिड-डे मील में भेदभाव पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने जाति, धर्म, पंथ या लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने के निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय में छात्र रोल नंबर के आधार पर एक साथ बैठकर भोजन करेंगे। उच्च शिक्षा निदेशक व स्कूल शिक्षा ने सभी जिला उपनिदेशकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को ये आदेश भेजे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी विद्यालय में बच्चों को अलग-अलग बैठाकर भोजन कराने की शिकायत नहीं आनी चाहिए।

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शिकायतों के बाद विभाग ने लिया संज्ञान

निदेशालय ने स्वीकार किया है कि राज्य के कुछ विद्यालयों से पहले भी ऐसी शिकायतें मिली हैं। इन मामलों को गंभीरता से लिया गया है। पीएम पोषण योजना का उद्देश्य सामाजिक समानता, अनुशासन और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है। सभी विद्यार्थियों को रोल नंबर के आधार पर एक साथ बैठाकर भोजन कराया जाना चाहिए। आदेशों में चेतावनी दी गई है कि भेदभाव में संलिप्त पाए जाने पर सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी। यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। विभाग ने स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) और आम जनता के बीच भी इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है।

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निदेशालय ने जारी किया टोल-फ्री 1800-180-8007 नंबर

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार के भेदभाव की शिकायत तत्काल दर्ज कराई जा सके। अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। प्रत्येक माह अनुपालन रिपोर्ट निदेशालय को भेजना अनिवार्य होगा। निदेशालय ने एक टोल-फ्री नंबर 1800-180-8007 भी जारी किया है। इस नंबर पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शिकायतें या सुझाव दर्ज कराए जा सकते हैं। यह नंबर विद्यालय परिसर में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना होगा।

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