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Himachal: अब सीएचसी में टीबी, सिविल अस्पतालों में होगा कैंसर का उपचार
Sun, 18 Jun 2023 07:01 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 18 Jun 2023 07:01 PM IST
सार
सरकार की ओर से 2025 तक प्रदेश को क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा हुआ है। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमे ने पूरी तरह कमर कसी हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अब स्वास्थ्य उपकेंद्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) भी क्षय रोग का उपचार कर सकेंगे। इससे मरीजों को बड़े अस्पतालों की राह नहीं देखनी पड़ेगी। क्षय रोग के उपचार से लेकर दवाएं भी सीएचओ के जरिये मरीजों को मिल जाएगी। जिला स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दे दिया है। प्रशिक्षण के बाद इन्हें क्षय रोगी को उपचार देने के लिए निर्देश भी दे दिए हैं ताकि मरीज को उपकेंद्र में तत्काल इलाज की सुविधा मिल सके।
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इससे पहले स्वास्थ्य अधिकारी और विशेषज्ञ ही क्षय रोगियों का इलाज कर रहे थे। अब प्रशिक्षण के बाद सीएचओ को क्षय रोग संबंधित पूरी जानकारी दे दी गई है। वहीं संदिग्ध क्षय रोगी भी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर बलगम के सैंपल भी दे सकते हैं। यहां से आशा वर्कर की मदद से सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला लाए जाएंगे। यहां पर परीक्षण के बाद संबंधित व्यक्ति को क्षय रोग की रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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गौर रहे कि सरकार की ओर से 2025 तक प्रदेश को क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा हुआ है। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमे ने पूरी तरह कमर कसी हुई है। इस लक्ष्य की प्राप्ति को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न टीमें बनाई गई हैं। यह टीम गांव-गांव में जाकर लोगों को जागरूक भी कर रही है। वहीं अब टीबी मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिले। इसे लेकर भी महकमे ने अब स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक सीएचओ के जरिए भी उपचार देना शुरू कर दिया है।
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इससे जहां क्षय रोगी को किसी भी प्रकार की दिक्कत आने पर इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। वहीं समय पर उपचार की सुविधा भी मिलेगी। इससे क्षय रोगी को परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर टीबी मरीजों को फायदा मिलना शुरू हो गया है। इसके अलावा विभाग की ओर से चलता-फिरता अस्पताल भी बनाया गया है। इस अस्पताल के जरिए भी क्षय रोगियों को उपचार की सुविधा दी जा रही है।
गांव स्तर तक चला है अभियान
क्षय रोगियों की पहचान करने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने गांव स्तर तक अभियान छेड़ा हुआ है। विभाग की टीम लोगों को टीबी के लक्षण और अन्य चीजों के बारे में जानकारी भी दे रहीं हैं। वहीं बलगम के सैंपल भी घरद्वार से ही एकत्र किए जा रहे हैं। वहीं लंबी खांसी होने पर संदिग्ध टीबी को लेकर लोग स्वयं स्वास्थ्य उपकेंद्र में जाकर बलगम सैंपल भी दे रहे हैं।
जिले में अब क्षय रोगी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी से भी उपचार करवा सकता है। उपचार से संबंधित सीएचओ को संपूर्ण प्रशिक्षण दे दिया है। टीबी को लेकर व्यक्ति स्वास्थ्य उपकेंद्र में जाकर भी बलगम सैंपल दे सकता है। - डॉ. एके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य), सोलन