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Himachal News: आरडीजी पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 17 को, राज्यपाल को भेजा प्रस्ताव; जानें
Thu, 05 Feb 2026 12:11 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:11 PM IST
सार
राजस्व घाटा अनुदान को लेकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 17 फरवरी को बुलाने का प्रस्ताव लोकभवन को भेजा गया है। इसे सरकार के आग्रह के बाद विधानसभा सचिवालय के माध्यम से भेजा गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू की सहमति के बाद इस पर राज्य मंत्रिमंडल से बाई सर्कुलेशन अनुमति लेकर इसे राज्यपाल को भेजा है। राज्यपाल शिमला से बाहर हैं। वह लौटने के बाद इस पर मंजूरी दे सकते हैं।
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यह विशेष सत्र केंद्र सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद करने के बाद बुलाया गया है। राज्य सरकार विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगा। एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जाएगा और बहाली का आग्रह किया जाएगा। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पेश हुए केंद्रीय बजट में राजस्व घाटा अनुदान के प्रावधान को पूरी तरह बंद करने के बाद हिमाचल सरकार को बड़ा झटका लगा है। इससे प्रदेश अपने घाटे की भरपाई नहीं कर पाएगा। साल दर साल प्रदेश का राजस्व घाटा बढ़ता ही जा रहा है।
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वित्तायोग की सिफारिश के बाद हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहा है। पंद्रहवें वित्तायोग की सिफारिश पर हिमाचल प्रदेश को करीब 37,199 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला था। यह वर्ष 2021 से लेकर 2026 के बीच निर्धारित किया गया। इसे पांच साल के लिए दिया गया था। वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़ रुपये अनुदान मिला। वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह ग्रांट 9,377 करोड़ रुपये मिली। वर्ष 2023-24 में 8,058 करोड़, 2024-25 में 6,258 करोड़ रुपये जारी हुए।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक आठ को
केंद्रीय बजट में राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रदेश विधानसभा में आठ फरवरी को कांग्रेस विधायक प्राथमिकता बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने जा रही इस बैठक में उप मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और कांग्रेस विधायक उपस्थित रहेंगे। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इसकी सूचना सभी मंत्रियों और व िधायकों को भेजी है। आठ फरवरी को इससे पूर्व 11 बजे राज्य मंत्रिमंडल की बैठक भी होगी।
केंद्रीय बजट में राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रदेश विधानसभा में आठ फरवरी को कांग्रेस विधायक प्राथमिकता बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने जा रही इस बैठक में उप मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और कांग्रेस विधायक उपस्थित रहेंगे। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इसकी सूचना सभी मंत्रियों और व िधायकों को भेजी है। आठ फरवरी को इससे पूर्व 11 बजे राज्य मंत्रिमंडल की बैठक भी होगी।
विधायक प्राथमिकता बैठकों से किनारा कर सकती है भाजपा
विधायक प्राथमिकता बैठकों का बहिष्कार करने को लेकर भाजपा वीरवार को फैसला लेगी। वीरवार शाम नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। भाजपा विधायक निधि, ऐच्छिक निधि जारी न होने से नाराज हैैं। इनकी नाबार्ड की योजनाएं भी लंबित हैं। छह और सात फरवरी को राज्य सचिवालय में विधायक प्राथमिकता बैठकें होनी हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट तैयार करने को विधायकों से इस दौरान प्राथमिकताएं ली जानी हैं।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते दिनों विधायक प्राथमिकता की बैठकों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। नेता विपक्ष का आरोप है कि भाजपा विधायकों की प्राथमिकताओं को सरकार तवज्जो नहीं दे रही है। अगर सरकार पूर्व की प्राथमिकता की डीपीआर और बजट स्वीकृति को गंभीरता से नहीं लेती है, तो भाजपा के पास इन बैठकों का बहिष्कार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
उन्होंने कहा था कि हालात यह हैं कि न तो सरकार उनकी डीपीआर बनवा रही है और न उन्हें वित्तीय स्वीकृतियों के लिए संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। सरकार दलगत राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाओं से विपक्ष को विधायक प्राथमिकता बैठक के बहिष्कार के लिए बाध्य कर रही है।
विधायक प्राथमिकता बैठकों का बहिष्कार करने को लेकर भाजपा वीरवार को फैसला लेगी। वीरवार शाम नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। भाजपा विधायक निधि, ऐच्छिक निधि जारी न होने से नाराज हैैं। इनकी नाबार्ड की योजनाएं भी लंबित हैं। छह और सात फरवरी को राज्य सचिवालय में विधायक प्राथमिकता बैठकें होनी हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट तैयार करने को विधायकों से इस दौरान प्राथमिकताएं ली जानी हैं।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते दिनों विधायक प्राथमिकता की बैठकों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। नेता विपक्ष का आरोप है कि भाजपा विधायकों की प्राथमिकताओं को सरकार तवज्जो नहीं दे रही है। अगर सरकार पूर्व की प्राथमिकता की डीपीआर और बजट स्वीकृति को गंभीरता से नहीं लेती है, तो भाजपा के पास इन बैठकों का बहिष्कार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
उन्होंने कहा था कि हालात यह हैं कि न तो सरकार उनकी डीपीआर बनवा रही है और न उन्हें वित्तीय स्वीकृतियों के लिए संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। सरकार दलगत राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाओं से विपक्ष को विधायक प्राथमिकता बैठक के बहिष्कार के लिए बाध्य कर रही है।