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स्कूल बंद रहे तो लाखों विद्यार्थियों के घर तक पहुंचाई जाएगी वर्दी, बैग
Thu, 30 Jul 2020 01:08 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 30 Jul 2020 01:08 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संकट के चलते अगर प्रदेश में आने वाले महीनों में भी सरकारी स्कूल बंद रहे तो स्मार्ट वर्दी और बैग बच्चों को घरों पर पहुंचाए जाएंगे। सरकार की योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचाने के लिए शिक्षा विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। मिड डे मील की तरह स्मार्ट वर्दी और स्कूल बैग घर जाकर दिए जाएंगे।
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प्रदेश के करीब नौ लाख बच्चों को स्मार्ट वर्दी और ढाई लाख बच्चों को निशुल्क बैग दिए जाने हैं। अटल स्कूल वर्दी योजना में सरकार हर साल बच्चों को वर्दी और बैग उपलब्ध करवाती है। कोरोना संकट को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सितंबर और अक्तूबर में वर्दी और बैग आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए आने वाले दिनों में कैबिनेट बैठक में ले जाया जाएगा। स्कूल वर्दी का टेंडर कंपनी को अवार्ड कर दिया गया है। बीते साल ही सरकार ने दो साल के लिए टेंडर अवार्ड कर दिया था। इसी कड़ी में बीते दिनों खाद्य आपूर्ति निगम ने बीते साल चयनित की गई कंपनी को खरीद प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है।
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पहली से बारहवीं कक्षा के बच्चों को सरकार ने बीते साल से निजी स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट वर्दी देने की योजना शुरू की है। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग रंग की वर्दी तय की गई है। उधर, पहली, तीसरी, छठी और नवीं कक्षा के विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल बैग देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की अध्यक्षता में इस बाबत बैठक ली गई है। दो सप्ताह के भीतर इस खरीद प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया जाएगा। ऐसे में शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि अगर स्कूल कोरोना संकट के चलते बंद ही रहते हैं तो बच्चों को घरों में जाकर वर्दी और बैग दिए जाएंगे।