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दो साल तक 3294 पैट को नहीं लगेगी इंक्रीमेंट, 27 हजार फिक्स किया मासिक वेतन

Thu, 06 Aug 2020 10:47 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 06 Aug 2020 10:47 AM IST
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Himachal News: No increment to 3294 PAT teachers for next two years
सांकेतिक तस्वीर

17 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अस्थायी शिक्षक नियमितीकरण के आदेशों से खुश नहीं हैं। बुधवार को जारी आदेशों में 3294 पैट को नियमित होने के बावजूद आगामी दो साल तक इंक्रीमेंट नहीं लगेगी। इन शिक्षकों से प्रतिमाह 1737 रुपये की रिकवरी से बचाने को सरकार ने इनकी सैलरी प्रोटेक्ट करते हुए 27 हजार रुपये के वेतन पर फिक्स कर दिया है। इन्हें इंक्रीमेंट और महंगाई भत्ते का लाभ दो साल का प्रोवेशन पीरियड पूरा करने के बाद मिलेगा।

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सरकार का तर्क है कि इन शिक्षकों को इनके स्केल से 1737 रुपये ज्यादा मिल रहे हैं। इसकी रिकवरी नहीं करने का फैसला लिया गया है। आगामी इंक्रीमेंट से इसकी पूर्ति की जाएगी। शिक्षकों में 17 साल से सेवा देने और दस साल कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद भी पूरा हक नहीं मिलने से रोष है। अखिल भारतीय अस्थायी अध्यापक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौहान, राष्ट्रीय प्रेस सचिव चंदन नेगी, पैट प्रतिनिधि सतीश शर्मा, तिलक राज, ताराचंद, रविंद्र ठाकुर, सरला, अरुण, संगीता ने कहा है कि आदेशों से वे खुश नहीं है। ग्रामीण विद्या उपासकों और पैट की एक सामान नीति होते हुए भी नियमितीकरण में विसंगति कर पैट के साथ सरकार ने सौतेला व्यवहार किया है।
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17 सालों की सेवा के बाद 5910 बेसिक और 3000 ग्रेड पे देना कहां का न्याय है? पैट जनवरी 2017 से नियमित होने थे। महासंघ ने जीवीयू अध्यापकों की तर्ज पर जनवरी 2017 से नियमित कर जनवरी 2019 से 10300 बेसिक और 4200 ग्रेड पे देने की मांग की है। उधर, पीटीए शिक्षक संघ के चेयरमैन विवेक मेहता ने कहा कि अधिसूचना अधूरी है। सरकार अगर इस काल खंड में वित्तीय लाभ नहीं दे सकती थी, तो कम से कम 2018 से वरिष्ठता लाभ और प्रोवेशन का लाभ देना चाहिए था। अधिसूचना से शिक्षक सीधे तौर पर दो साल पीछे चले गए हैं। 
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17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के हक में दिया था फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने अस्थायी शिक्षकों को राहत देते हुए सभी याचिकाओं को रद्द कर 17 अप्रैल को इनके हक में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने 9 दिसंबर 2014 को दिए गए प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था। फैसला आने के बाद सरकार ने 10 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके पैरा शिक्षकों को नियमित करने और सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके शिक्षकों को अनुबंध पर लाया। 22 जनवरी 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर यथा स्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए थे। इसके बाद से शिक्षक अनुबंध पर आ गए थे, लेकिन नियमित नहीं हो पाए थे। 


पैरा शिक्षक खुश, 2014 से मिलेगा वरिष्ठता लाभ
लेफ्ट आउट पैरा शिक्षकों को नियमितीकरण के आदेश जारी होने के साथ ही साल 2014 से वरिष्ठता लाभ मिलेगा। सरकार ने इन शिक्षकों को इनके सहयोगी शिक्षकों के नियमित होने के समय से वरिष्ठता लाभ देने का फैसला लिया है। हालांकि, इन्हें नियमितीकरण पर मिलने वाले वित्तीय लाभ इस महीने से ही मिलेंगे। प्रदेश पैरा शिक्षक संघ के अध्यक्ष चितरंजन महंत, महासचिव अजय मेहता, उपाध्यक्ष राजदीन, संगठन सचिव भुपेश शर्मा ने 97 लेफ्ट आउट पैरा शिक्षकों को नियमित करने के आदेश जारी करने पर सरकार का आभार जताया है।

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