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सोलन: नगर परिषद चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई न होने से भड़के पूर्व विधायक
Sat, 26 Feb 2022 05:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 26 Feb 2022 05:47 PM IST
सार
पूर्व कांग्रेस विधायक राम कुमार चौधरी ने कहा कि दो फरवरी को नगर परिषद बद्दी के चैयरमेन के खिलाफ पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव उपायुक्त सोलन को सौंपा था लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
नगर परिषद बद्दी के चेयरमैन के खिलाफ पार्षदों की ओर से लाए अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई नहीं होने पर दून के पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी उपायुक्त पर भड़क गए हैं। इस मामले में बातचीत को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक और उपायुक्त के बीच बहस हो गई। उन्होंने उपायुक्त पर सरकार के दबाव में कार्य करने के आरोप लगाए। हालांकि उपायुक्त ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लगाए आरोपों को नकारते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
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शनिवार को गुस्साए कांग्रेस नेताओं समेत कार्यकर्ता 11 बजे उपायुक्त कार्यालय परिसर में पहुंचे। यहां पहुंचने पर सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय में प्रवेश करने लगे तो पुलिस ने रोक दिया। कार्यकर्ताओं को रोकने पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई।
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दो फरवरी को नगर परिषद बद्दी के चेयरमैन के खिलाफ पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव उपायुक्त को सौंपा था। राम कुमार चौधरी ने कहा कि उपायुक्त ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि नप बद्दी में गोलमाल चला हुआ है और बिना टेंडर कार्य करवाए जा रहे हैं। इसे लेकर कई भाजपा पार्षद भी परेशान हैं और पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव उपायुक्त को सौंपा है। इसके बावजूद उपायुक्त टालमटोल कर रही हैं।
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प्रस्ताव आने पर 15 दिन के भीतर बहुमत साबित करना होता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चेयरमैन ने पार्षद के खिलाफ उपायुक्त को पत्र दिया है। पत्र में भी भाजपा पार्षद तरसेम ने बैठक में भाग न लेने के बारे में लिखा है जबकि असलियत बैठक में कोरम पूरा न होना है। उन्होंने कहा कि जब कोरम ही पूरा नहीं हुआ तो बैठक कैसे हुई। बैठक में भाग न लेने से अगर उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाती है तो भाजपा के कई ऐसे पार्षद हैं जो बैठक में नहीं आते, उनकी भी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। उधर, उपायुक्त कृतिका कुलहरी ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है। यह मामला सरकार के संज्ञान में है जो भी निर्देश आते हैं, उन्हीं के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विधायक पर भी लगाए आरोप
इस दौरान दून विधायक परमजीत सिंह पम्मी पर पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी ने आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायक ने बिना बजट शिलान्यास और नींव पत्थर रखे हैं। इस मामले पर भी उन्होंने जांच बैठाने के लिए कहा है।