{"_id":"6686d150be210ddb23085f0b","slug":"himachal-news-gender-forums-will-be-formed-in-panchayats-for-gender-equality-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News : लैंगिक समानता के लिए पंचायतों में बनेंगे जेंडर फोरम, यहां खुलेगा पहला जेंडर रिस्पांस सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News : लैंगिक समानता के लिए पंचायतों में बनेंगे जेंडर फोरम, यहां खुलेगा पहला जेंडर रिस्पांस सेंटर
Thu, 04 Jul 2024 10:14 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 04 Jul 2024 10:14 PM IST
सार
हिमाचल की पंचायतों में जेंडर फोरम और विकास खंडों में जेंडर रिस्पांस सेंटर खोले जाएंगे। डीआरडीए के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में स्टेट प्रोग्रामर ओम प्रकाश प्रशिक्षण दे रहे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में लैंगिक समानता के लिए पंचायतों में जेंडर फोरम और विकास खंडों में जेंडर रिस्पांस सेंटर खोले जाएंगे। प्रदेश में पहला जेंडर रिस्पांस सेंटर सिरमौर जिले के राजगढ़ में खोला जाएगा। इसकी शुरूआत से इसी साल से की जाएगी। मंडी जिले में हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 6 जिलों की सीआरपी एचएनजी की दीदियों को इस बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विज्ञापन
डीआरडीए के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में स्टेट प्रोग्रामर ओम प्रकाश प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसका मकसद समाज में लैंगिक समानता को लेकर मतभेदों को दूर करना है। प्रशिक्षण के बाद प्रदेश के 32 विकास खंडों की पंचायतों में इसे बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा। दीदियां रणनीति के तहत पंचायतों में काम करेंगी और पंचायतों में स्वयं सहायता समूह और जेंडर प्वाइंट पर्सन को जागरूक करेंगी।
विज्ञापन
प्रशिक्षण बैठक में दीदियों ने सबसे बड़ा मुद्दा नशे का रखा। प्रशिक्षण के बाद दीदियां नशा मुक्त परिवार और गांव बनाने को लेकर लोगों को मंत्र देंगी। वह गांव के मुद्दे को सबसे पहले पंचायत में बनने वाले जेंडर फोरम में रखेंगी। अगर वहां मसले का हल नहीं निकला तो इसे विकास खंड पर बनने वाले जेंडर रिस्पांस सेंटर में रखा जाएगा। उसका निपटारा किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में 44 हजार स्वयं सहायता समूहों से 4 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। ऐसे में पंचायतों में नशे के मक्कड़जाल को तोड़ने में वे अहम भूमिका अदा कर सकती हैं। इसके अलावा दीदियां गांवों में बेटी हो या बेटा दोनों के जन्म को एक जैसा मनाने और भेदभाव न करने को लेकर जागरूक करेंगी।
विज्ञापन
इसके अलावा महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा का विरोध कर पीड़ित को न्याय दिलाने में भी अहम भूमिका अदा करेंगी। हर पीड़ित महिला को सम्मान के साथ सुरक्षा एवं संरक्षण देगी और इसकी जानकारी गोपनीय रखेंगी।