Himachal News: चुनाव हारने वाले कांग्रेस के चार पूर्व मंत्रियों को नहीं ओहदे की चाह, जानें पूरा मामला
विधानसभा चुनाव हारने के बाद पिछली कांग्रेस सरकारों में मंत्री रहे चार वरिष्ठ नेताओं कौल सिंह ठाकुर और आशा कुमारी, रामलाल ठाकुर और ठाकुर सिंह भरमौरी ने नई सरकार में कोई पद नहीं मांगा है।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव हारने के बाद पिछली कांग्रेस सरकारों में मंत्री रहे चार वरिष्ठ नेताओं कौल सिंह ठाकुर और आशा कुमारी, रामलाल ठाकुर और ठाकुर सिंह भरमौरी ने नई सरकार में कोई पद नहीं मांगा है। न ही सरकार से किसी ने उनसे इसके लिए संपर्क किया है। चुनावी राजनीति से दूर रहे कई संगठन नेताओं को सरकार में कैबिनेट रैंक दिए जा रहे हैं। जहां कई कांग्रेस नेता सरकार में विभिन्न पदों पर कैबिनेट रैंक पाने के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं, वही पूर्व मंत्री कौल, आशा, रामलाल और भरमौरी जैसे दिग्गज नेता पद प्राप्ति की कोई लालसा नहीं दिखा रहे हैं। आठ बार विधायक बनने के बाद लगातार दूसरा विधानसभा चुनाव हारे पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर का विधानसभा क्षेत्र मंडी जिला का द्रंग है। जिला मंडी में कांग्रेस ने 10 में से 9 सीटें गंवा दी हैं। धर्मपुर से चंद्रशेखर ही कांग्रेस विधायक हैं। ऐसे में कौल सिंह मंडी से वरिष्ठ नेता होने के नाते क्षेत्रीय संतुलन के हिसाब से सरकार में कैबिनेट रैंक का पद पाने की हैसियत रखते हैं, मगर वह इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। चुनाव से पहले कौल सिंह मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी माने जा रहे थे।
इसी तरह की दावेदारी में चंबा से कांग्रेस की बड़ी नेता आशा कुमारी भी रही है। वह भी चुनाव हार गईं। आशा के पंजाब में कांग्रेस प्रभारी रहते वहां पार्टी जीती थी, मगर वह डलहौजी में खुद विस चुनाव हार गईं। आशा का कहना है कि किसे क्या पद देना है, यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है। न वह ऐसी बातें करती हैं और न कोई इससे लेना-देना है। वह संगठन के लिए कार्य कर रही हैं। पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी भी भरमौर से विस चुनाव हार गए। उनकी भी सरकार में कोई पद पाने की लालसा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है कि किसे किस पद पर नियुक्ति देनी है। सरकार चाहे तो वह सेवाएं देने से पीछे नहीं हटेंगे। वह परमार और वीरभद्र सरकार में भी काम कर चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस मेें वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। बिलासपुर से कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर की भी सरकार में किसी पद को पाने की कोई रुचि नहीं है। कहते हैं कि यह सरकार को देखना है कि क्या करना है। उनकी इस बारे में किसी से बात नहीं हुई है।
कुलदीप राठौर को सरकार में ओहदा देने की मांग उठी
संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और बोर्डों-निगमों में अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की नियुक्ति से पहले ठियोग के कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर को अहम ओहदा देने के लिए मांग उठी है। ठियोग क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों ने यह आवाज उठाई है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस से कुलदीप सिंह राठौर चुनाव जीतकर विधायक बने हैं। इलाके के लोग कुलदीप सिंह राठौर को सरकार मेें अहम ओहदा देने की लगातार मांग उठा रहे हैं। ठियोग विधानसभा के लोगों ने एक स्वर में कहा कि राठौर को पूरा मान सम्मान मिलना चाहिए और उनको अहम ओहदा दिया जाना चाहिए।
ब्लॉक काग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र कंवर के अलावा रामलाल वर्मा, कांग्रेस नेताओं राकेश वर्मा, लाल चंद डोगरा, प्रकाश ठाकुर, हरीश भरोटा, ओपी शर्मा, सन्नी खाची, मिलाप सिह ठाकुर, प्रीतम ठाकुर, एसके श्याम, सागर कैथला, संदरप मोगटा, दिशात नलवा, कमला ठाकुर, रंजना ठाकुर, संदीप शरोल, सुरेंद्र जिस्टु, प्रवीण वर्मा, महेंद्र वर्मा, रजत भैक, सिद्धार्थ चौहान, प्रधान ग्राम पंचायत कलींड सतीश वर्मा, ग्राम पंचायत क्यार के उपप्रधान नरेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल में संगठन को मजबूत करने से ही कांग्रेस विजयी हुई है। कुलदीप सिंह राठौर ने संगठन को मजबूत करने का काम किया और उनके नेतृत्व में उपचुनाव में 4-0 की जीत हुई थी। उन्हाेंने कहा कि राठौर ने 40 साल कांग्रेस संगठन को दिए हैं। ऐसे में सरकार भी उन्हें सम्मान दे।