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बंपर फसल पर भी उचित दाम न मिलने से काट दिया आम के 104 पेड़ों का बगीचा
Mon, 14 Sep 2020 10:28 AM IST
अरविन्द ठाकुर
संजय शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, घुमारवीं (बिलासपुर)
संजय शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, घुमारवीं (बिलासपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 14 Sep 2020 10:28 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
इस बार आम की बंपर फसल होने के बावजूद बागवानों को उचित दाम न मिलने से मायूस घुमारवीं के एक बागवान ने आम के 104 पेड़ों का बगीचा ही काट डाला। अमरपुर पंचायत के चमन लाल के बगीचे में 20 साल से अधिक पुराने दशहरी आम के पेड़ थे। अब वह कोई वैकल्पिक पौधे लगाकर नया बगीचा तैयार करेंगे। चमन ने बताया कि 1996 से मेहनत कर उन्होंने दशहरी आम का बगीचा तैयार किया।
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सरकार ने हालांकि आम का समर्थन मूल्य 8 रुपये 50 पैसे निर्धारित किया था, लेकिन एकत्रीकरण केंद्र कंदरौर, निहारी और गेहड़वीं में निर्धारित मानदंडों के अनुसार तोड़कर बांस की टोकरी में पहुंचाना और उस पर अन्य खर्च के चलते यह पूरी तरह घाटे का सौदा था। उन्हें 24 किलो का क्रेट 80 रुपये के हिसाब से बड़ी मुश्किल से बेचना पड़ा। इस बार 480 क्रेट आम उत्पादन हुआ था। दाम कम मिलने से उन्होंने फसल ओने-पौने दाम में बेचने के अलावा लोगों में मुफ्त बांटी।
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विभाग से सलाह करके अब वह देर से तैयार होने वाली आम की फसल लगाएंगे। बागवानी विकास अधिकारी केसी शारदा ने बताया कि उन्होंने सलाह दी कि बागवानों को चौसा, आम्रपाली, मल्लिका या रामकेला जैसी फसल लगाना फायदेमंद होगा। ये किस्में देरी से होती हैं। इसका उचित मूल्य भी मिल पाएगा।
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