{"_id":"5f8d7daabc02b20b142e2943","slug":"himachal-news-college-students-scoring-less-than-35-percent-marks-will-not-get-scholarship","type":"story","status":"publish","title_hn":"35 फीसदी से कम अंक लेने वाले कॉलेज विद्यार्थियों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
35 फीसदी से कम अंक लेने वाले कॉलेज विद्यार्थियों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति
Tue, 20 Oct 2020 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 20 Oct 2020 05:00 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को पिछली कक्षा में 35 फीसदी अंक होने की स्थिति में ही केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने कोरोना संकट के चलते इस साल कई कक्षाओं की परीक्षाएं नहीं होने के चलते नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन करने में पेश आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए यह निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
निदेशालय ने कॉलेज प्रिंसिपलों को छात्रवृत्ति के लिए रिन्यूवल करवाने के लिए पिछली कक्षा की मार्क्सशीट अपलोड करने को कहा है। इस साल वार्षिक परीक्षाएं नहीं होने से नेशनल स्कॉलरशीप पोर्टल पर आवेदन करने में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
निदेशालय को कई कॉलेजों की ओर से इस बाबत सूचित किया गया है। सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस साल पिछली कक्षा के अंकों के आधार पर ही आवेदन करने होंगे। नेशनल पोर्टल 35 फीसदी के कम अंक वाले विद्यार्थियों के आवेदन को स्वीकार नहीं करेगा।
विज्ञापन
ऐसे में कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थी के पिछली कक्षा में कम से कम 35 फीसदी अंक हों। निदेशालय ने सभी निजी और सरकारी कॉलेजों सहित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, तकनीकी विवि, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, निदेशक तकनीकी शिक्षा, निदेशक दंत चिकित्सा, रजिस्ट्रार कृषि विवि, बागवानी विवि और सचिव निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग को इस संदर्भ में पत्र जारी कर सूचित किया है।