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एम्स बिलासपुर: अब दिल्ली दूर ही सही, अपने घर में ही होगा इलाज
Sun, 05 Dec 2021 11:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 05 Dec 2021 11:13 PM IST
सार
एम्स दिल्ली की तर्ज पर अगर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में भी बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू होंगी तो इससे राज्य के समूचे स्वास्थ्य ढांचे का कायाकल्प होगा। प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूएगा।
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डॉक्टर कपिल शर्मा ने एम्स की पहली ओपीडी में कुल्लू की रेखा का इलाज किया।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अब दिल्ली दूर ही सही, हिमाचल में अपने ही घर में लोगों का इलाज होगा। शिमला से करीब तीन घंटे और मंडी से महज दो घंटे में ही बिलासपुर पहुंचा जा सकेगा। सोलन, हमीरपुर, कुल्लू समेत तमाम जिलों के लिए भी सफर कम होगा। कांगड़ा और चंबा के लोगों को भी एम्स दिल्ली के बजाय बिलासपुर की यात्रा कम हो जाएगी। एम्स दिल्ली की तर्ज पर अगर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में भी बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू होंगी तो इससे राज्य के समूचे स्वास्थ्य ढांचे का कायाकल्प होगा। प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूएगा।
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हिमाचल प्रदेश में अभी तक सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी शिमला ही था। सुविधाओं के लिहाज से इसके बाद टांडा मेडिकल कॉलेज का नाम आता है। नए खोले मेडिकल कॉलेजों में अभी तक माकूल आधारभूत ढांचा खड़ा नहीं किया जा सका है। आईजीएमसी शिमला के बाद पीजीआई चंडीगढ़ को ही नजदीकी अस्पताल माना जाता है। पीजीआई से श्रेष्ठ सेवाएं फिर एम्स दिल्ली की मानी जाती हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के लिए एम्स का मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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किस क्षेत्र से कितनी होगी एम्स की दूरी
हमीरपुर : 1:30 घंटे
शिमला : 3 घंटे
मंडी : 2 घंटे
कांगड़ा : 4:00 घंटे
कुल्लू : 4:30 घंटे
सोलन : 4:30 घंटे
चंबा : 8 घंटे
रिकांगपिओ (किन्नौर) : 9 घंटे
केलांग (लाहौल-स्पीति) : 7 घंटे