Dalai Lama Birthday: दलाईलामा के 87वें जन्मदिन पर काटा केक, पीएम मोदी ने दी बधाई
कोरोना महामारी के चलते दलाईलामा दो वर्षों के बाद अपना जन्मदिन लोगों संग मना रहे हैं। इससे पहले कोरोना काल में करीब दो साल तक अपने आवास पर ही रहे। इस दौरान लोगों से मिलना-जुलना भी बंद रहा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा को उनके 87वें जन्मदिन पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बौद्ध अनुयायियों और देश-विदेश की तमाम बड़ी हस्तियों और नेताओं ने बधाई दी। मैक्लोडगंज के मुख्य बौद्ध मंदिर में सुबह पूजा-अर्चना के बाद मशहूर हालीवुड अभिनेता रिचर्ड गेर, वन मंत्री राकेश पठानिया और निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने केक काटा। इस दौरान मौजूद सभी ने उनकी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना कर शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोनकर दलाईलामा को जन्मदिन की बधाई दी। पीएम ने ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, दलाईलामा से उनके जन्मदिन पर फोन पर बात हुई।
हम उनके लंबे जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मैक्लोडगंज नहीं पहुंच पाए। उन्होंने वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़कर बधाई संदेश दिया। सीएम ने कहा कि मैंने दलाईलामा से फोन पर भी बात की। धर्मगुरु ने मुझे बताया कि उन्हें देवभूमि हिमाचल में रहने का अवसर मिला है और इसके लिए वह हिमाचल सरकार के साथ-साथ केंद्र के भी आभारी हैं।
सीएम ने कहा कि दलाईलामा ने जिस तरह सेवा और दया का भाव लोगों के मन में जागृत किया है, उससे न केवल तिब्बत के लोगों, बल्कि हर भारतवासी को प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हेलिकाप्टर से बुधवार सुबह मैक्लोडगंज पहुंचना था, लेकिन खराब मौसम के कारण वह नहीं आ पाए। दलाईलामा को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, किरण रिजिजू, सर्वानंद सोनोवाल के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बधाई संदेश भेजे।
तिब्बती, लद्दाखी, नेपाली और गद्दी नृत्य किया पेश
मुख्य बौद्ध मंदिर में दलाईलामा के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में उनके अनुयायियों और प्रशंसकों ने तिब्बती, लद्दाखी, नेपाली और गद्दी वेशभूषा में नृत्य पेश किया। कार्यक्रम में शिव नुआला में गाई जाने वाली एंचली गाकर गद्दी नाटी प्रस्तुत की गई।
दलाईलामा संग्रहालय एवं अभिलेखागार का किया उद्घाटन
मैक्लोडगंज में दलाईलामा संग्रहालय एवं अभिलेखागार का उद्घाटन धर्मगुरु दलाईलामा ने किया। इस संग्रहालय एवं अभिलेखागार में दलाईलामा से जुड़ी प्राचीन तस्वीरें, महत्वपूर्ण ग्रंथ, प्रशस्ति पत्र, पुरस्कार और अन्य दुर्लभ वस्तुएं रखी जाएंगी। यह संग्रहालय दलाईलामा के आवास के साथ लगते भवन में बनाया गया है।
#WATCH | Himachal: 87th birthday of Dalai Lama being celebrated in Dharamshala. Hollywood actor Richard Gere also participated in celebrations organised by Central Tibetan Admn of Tibetan govt in-exile,at main Buddhist temple, Tsuglagkhang. CM Thakur joined via video conferencing pic.twitter.com/Hwre6Gj0yF
— ANI (@ANI) July 6, 2022
"Conveyed 87th birthday greetings to His Holiness the Dalai Lama over phone earlier today. We pray for his long life and good health," tweets Prime Minister Narendra Modi.
(File photo) pic.twitter.com/yFaUsytxnP
— ANI (@ANI) July 6, 2022
तिब्बत महज राजनीतिक मसला नहीं, सत्य से जुड़ा प्रश्न: दलाईलामा
तिब्बत महज एक राजनीतिक मसला नहीं है बल्कि यह सत्य से जुड़ा हुआ प्रश्न है। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने यह बात अपने जन्म दिवस के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि एक समय पर तिब्बत का प्रश्न इंद्रधनुष के समान विलुप्त होता हुआ दिखाई दे रहा था। उस समय तिब्बती शिक्षा देने के लिए स्कूल खोले गए और मठों की नए सिरे से स्थापना की गई। उसी का परिणाम है कि आज निर्वासन में भी तिब्बत की संस्कृति, धर्म और भाषा जीवंत बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस की पहली यात्रा के दौरान एक व्यक्ति ने मुझसे कहा कि एक तरफ चीन के लाखों सैनिक हैं और दूसरी तरफ अकेले दलाई लामा। इसके बावजूद चीनी सेना उन्हें परास्त नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण यह है कि हमने कभी झूठ नहीं कहा। सत्य हमेशा हमारे पक्ष में खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के नाजुक वक्त में भी आप सबने मुस्कान भरे लहजों के साथ जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, इसके लिए मैं आपका हार्दिक आभार जताता हूं।