लोकल आलू धड़ाम, इतने रुपये किलो मिल रहे दाम
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पंजाब और बाहरी राज्यों के आलू की वजह से स्थानीय किसानों को फसल के अच्छे दाम नहीं मिल रहे। कम दाम मिलने से नाराज किसानों ने बिना पटाई किए खेतों पर हल चलाने की चेतावनी दी है। सीजन की शुरुआत में 3300 रुपये प्रति क्विंटल का दाम अब 500 रुपये पहुंच गया है।
20 रुपये की बोरी और 15 रुपये भराई-ढुलाई का खर्च भी किसानों को उठाना पड़ रहा है। लागत मूल्य भी न निकल पाने की वजह से किसानों ने खड़ी फसल पर हल चलाने का एलान किया है।
अकेले ऊना जिले में करीब 2400 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू बीजा जाता है। स्थानीय किसानों कुलदीप कुमार और सुनील जसवाल ने बताया कि गेहूं और मक्की की फसल की तरह आलू का भी समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए।
बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले सैकड़ों टन आलू के कारण ही उचित भाव नहीं मिल पा रहा है। आलू का बीज, खाद, कामगारों की दिहाड़ी के लिए बैंकों व लोगों से कर्ज लिया है। लेकिन अच्छे दाम न मिलने से किसान कर्ज के बोझ तले दबने लगे हैं।
बरसों बाद हुई है अच्छी फसल
आलू की खेती का वर्तमान सीजन उपज के लिहाज से कई वर्षों के मुकाबले बेहतर रहा है। आलू बीजने के तुरंत बाद बेमौसम बारिश से बीज खराब हो गया था। किसानों को दोबारा बीज लगाना पड़ा जिससे दोहरा खर्च हुआ।
हालांकि, बाद में सिंचाई योग्य पानी मिलने से पैदावार अच्छी हुई है। किसानों का कहना है कि जब पैदावार अच्छी हुई तो दाम बेहद कम हो गए हैं। इससे उनकी मेहनत और नफे की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
आलू की फसल को मंडी लेकर जाएं किसान
कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेश कपूर ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी आलू की फसल को कम दामों पर व्यापारियों को न दें। किसान सुबह के समय मंडी में पैदावार लेकर आएं और मंडी में कृषि विभाग के मार्केटिंग सदस्य से मिलकर अपनी पैदावार का सौदा करें।