{"_id":"5a1c18c34f1c1b69678be6cb","slug":"himachal-kangra-twoo-train-in-kangra-valley-closed","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर फिर दो ट्रेनें बंद, इस वजह से लिया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर फिर दो ट्रेनें बंद, इस वजह से लिया फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:10 AM IST
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पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक करीब 164 किलोमीटर लंबे कांगड़ा घाटी रेलमार्ग की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रेलगाड़ियों के डिब्बों की कमी के चलते इस रेलमार्ग पर दो ट्रेनों का का संचालन बंद कर दिया गया है।
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इससे पहले इसी साल बरसात के मौसम में कांगड़ा व ज्वालामुखी के बीच ल्हासे गिरने से यह रेलमार्ग लगभग दो माह से भी अधिक समय तक बंद रहा था।
रेलवे सूत्रों के अनुसार कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर बरसों से चल रहे करीब दो दर्जन रेल कोचों को मरम्मत के लिए कालका भेजा गया है। इस कारण पठानकोट-जोगिंद्रनगर के बीच रोजाना चलने वाली सात रेलगाड़ियों में से दो रेलगाड़ियों का परिचालन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
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इसी वजह से पूर्व में भी बैजनाथ-पपरोला रेलवे स्टेशन से सुबह 10.50 पर चलने वाली रेलगाड़ी संख्या 2पीबीजे और सायं साढ़े 5 बजे चलने वाली रेलगाड़ी संख्या 8पीबी का संचालन बंद किया गया था।
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अब बीते शनिवार से पठानकोट से सुबह साढ़े चार बजे चलकर सुबह 10.45 बजे बैजनाथ पहुंचने वाली रेलगाड़ी संख्या एक पीबी और बैजनाथ-पपरोला से दोपहर 2.10 पर पठानकोट जाने वाली रेलगाड़ी संख्या 6पीबी को आगामी आदेशों तक बंद कर दिया गया है।
इस कारण इस रेलमार्ग पर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को आगामी दिनों में परेशानी झेलनी पड़ सकती है क्योंकि दिन के समय चलने वाली इन रेलगाड़ियों को बंद करने से अन्य रेलगाड़ियों में भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है।
कब तक बोझा ढोएंगे बूढ़े इंजन
कांगड़ा घाटी नैरोगेज लाइन पर चलने वाली रेलगाड़ियों को पहले से ही बूढ़े इंजन खींच रहे हैं। जेडीएम के ये इंजन 80 के दशक में इस रेलमार्ग पर उतारे गए थे, जो अपनी निर्धारित परिचालन आयु वर्षों पहले पूरी कर चुके हैं।
इसके बावजूद इन्हीं इंजनों को बार-बार मरम्मत करके इस रेलमार्ग पर दौड़ाया जा रहा है। नतीजतन अमूमन रेलगाड़ियां बीच रास्ते में हांफ जाती हैं या निर्धारित समय से घंटो देरी से चलती हैं।
कुछ वर्ष पहले रेल विभाग ने इस मार्ग पर नए नैरोगेज इंजन चलाने का प्रपोजल बनाया था जो आज तक कागजों में ही बंद है।
नैरोगेज लाइन के दो पेयर के डिब्बे मरम्मत के लिए कालका भेजने के कारण दो रेलगाड़ियों का संचालन फिलहाल बंद है। हालांकि जोगेंद्रनगर के लिए सायं चलने वाली रेलगाड़ी बहाल कर दी गई है। - रमेश कुमार, स्टेशन अधीक्षक, बैजनाथ-पपरोला