Himachal Teachers Protest: शिमला में गरजे शिक्षक, सीएम सुक्खू बोले- न्यू कांप्लेक्स सिस्टम में होगा संशोधन
रविवार को सैकड़ों शिक्षकों ने शिमला के चौड़ा मैदान में न्यू कांप्लेक्स सिस्टम (नई परिसर प्रणाली) वापस लेने और अपनी अन्य 25 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर रविवार को सैकड़ों शिक्षकों ने शिमला के चौड़ा मैदान में न्यू कांप्लेक्स सिस्टम (नई परिसर प्रणाली) वापस लेने और अपनी अन्य 25 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। शिक्षक नेताओं ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। उधर, करीब एक बजे चौड़ा मैदान पहुंचे सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू कहा कि सरकार शिक्षक दिवस से पहले शिक्षकों के साथ बैठक करेगी। नई परिसर प्रणाली पर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने माना कि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम में कुछ संशोधन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस पर सहानुभूति तरीके से समीक्षा करेगी। तय करेगी कि इसमें सुधार की आवश्यकता है या इसे पूरी तरह वापस लिया जाए। इसके साथ ही शिक्षकों के खिलाफ की गई निलंबन की कार्रवाई, विभागीय जांच और दर्ज मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन दिया। साथ ही शिक्षकों की शक्तियां में किसी तरह की कोई कमी नहीं की जाएगी।
खेल गतिविधियों को पुन: शुरू किया जाएगा और जेबीटी शिक्षकों को टीजीटी पदों पर पदोन्नति की जाएगी। वहीं गगल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को लेकर जारी विरोध पर कहा कि सरकार शिक्षकों की कई अन्य मांगें पहले ही स्वीकार कर चुकी है। शिक्षा मंत्री व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर आवश्यक बदलावों पर सहमति बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम देते रहे आश्वासन, शिक्षक क्लस्टर सिस्टम गो बैक के नारे लगाते रहे
प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षक अपनी मांगों को लेकर चौड़ा मैदान में प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच मुख्यमंत्री सुक्खू पहुंच गए। सीएम सुक्खू के स्वागत में शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी की। इसके साथ ही नई परिसर प्रणाली वापस लेने भी मांग उठाई। सीएम सुक्खू मंच से शिक्षकों को इनका आश्वासन देते रहे लेकिन शिक्षक क्लस्टर सिस्टम गो बैक के नारे लगाते रहे।
संघ के अध्यक्ष बोले-मांगें पूरी होने तक निदेशालय के बाहर क्रमिक भूख हड़ताल
चौड़ा मैदान में प्रदर्शन के बाद प्राथमिक शिक्षकों ने लालपानी स्थित शिक्षा निदेशालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद प्रदर्शन में आए। उन्होंने अधिकतर मांगों को मानने का आश्वासन दिया है। सभी शिक्षक उनका आभार व्यक्त करते हैं लेकिन जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता संघ ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया है। प्राथमिक शिक्षक क्रमिक रूप से शिक्षा निदेशालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
ये हैं मुख्य मांगें....
संघ की प्रमुख मांगों में प्राथमिक शिक्षकों के 5,000 से अधिक रिक्त पदों को भरना, 3,000 से अधिक एकल शिक्षक विद्यालयों की समस्या का समाधान, न्यू कांप्लेक्स सिस्टम का विरोध और प्राथमिक विद्यालयों की अलग पहचान बनाए रखना शामिल है। एचटी, सीएचटी और बीईईओ के कार्यक्षेत्र व शक्तियों को सीमित करने के प्रयासों का विरोध और खेलकूद प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन भी प्रमुख मांगें हैं।
पूरा मामला न्यू कांप्लेक्स सिस्टम को लेकर है, जिसका हिमाचल प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक विरोध कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि यह व्यवस्था प्राथमिक स्कूलों की मौजूदा कार्यप्रणाली और जेबीटी शिक्षकों के अधिकारों को प्रभावित करेगी। वहीं शिक्षा विभाग इसे स्कूलों के बेहतर प्रबंधन और संसाधनों के सही उपयोग के लिए जरूरी बता रहा है।
क्या है न्यू कांप्लेक्स सिस्टम?
न्यू कांप्लेक्स सिस्टम के तहत आसपास के कई स्कूलों को एक समूह (कॉम्प्लेक्स) में जोड़ा जाना है। इस व्यवस्था में एक स्कूल को मुख्य स्कूल (लीड स्कूल/कॉम्प्लेक्स स्कूल) बनाया जाएगा, जिसके माध्यम से आसपास के छोटे स्कूलों का समन्वय किया जाएगा।
इसका उद्देश्य
- स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल
- शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ाना
- विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की सेवाओं का साझा उपयोग
- प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना
बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूल कॉम्प्लेक्स की अवधारणा से जुड़ी है।
1. प्रशासनिक अधिकारों को लेकर चिंता
शिक्षकों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और जेबीटी शिक्षकों की प्रशासनिक भूमिका कमजोर हो सकती है।
2. छोटे स्कूलों की पहचान खत्म होने का डर
शिक्षकों का तर्क है कि गांवों में चल रहे छोटे प्राथमिक स्कूलों की अपनी अलग पहचान और व्यवस्था है। कॉम्प्लेक्स प्रणाली से इन स्कूलों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है।
3. जवाबदेही में भ्रम
शिक्षकों का कहना है कि यदि कई स्कूलों को एक समूह में जोड़ा जाएगा तो यह स्पष्ट नहीं रहेगा कि किसी स्कूल की जिम्मेदारी किसके पास होगी।
4. जेबीटी कैडर की भूमिका
शिक्षक संघ का आरोप है कि नई व्यवस्था में प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की भूमिका को कम महत्व मिल सकता है।
शिक्षकों की मुख्य मांगें
- न्यू कांप्लेक्स सिस्टम की अधिसूचना वापस ली जाए।
- प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में बदलाव से पहले शिक्षकों से चर्चा की जाए।
- जेबीटी शिक्षकों के अधिकार और पद की गरिमा सुरक्षित रखी जाए।
- प्राथमिक स्कूलों की मौजूदा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
- आंदोलन कैसे शुरू हुआ?
जेबीटी शिक्षकों ने 11 जुलाई को बगलामुखी मंदिर से 'प्राथमिक शिक्षा बचाव न्याय यात्रा' शुरू की थी। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से होती हुई शिमला पहुंची। इसके बाद चौड़ा मैदान में प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन किया जा रहा है।