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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट: एनएचआई के प्रोजेक्ट निदेशक के तबादला आदेशों पर रोक
Wed, 26 Apr 2023 07:47 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 26 Apr 2023 07:47 PM IST
सार
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश विरेंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि अदालत की अनुमति के बिना निदेशक को रिलीव न किया जाए।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एनएचआई के प्रोजेक्ट निदेशक के तबादला आदेशों पर रोक लगा दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश विरेंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि अदालत की अनुमति के बिना निदेशक को रिलीव न किया जाए। अदालत ने कालका- शिमला फोरलेन निर्माण मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। अदालत ने कहा कि निदेशक की निगरानी में फोरलेन निर्माण का सराहनीय कार्य हो रहा था। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया था कि कालका-शिमला फोरलेन निर्माण के प्रोजेक्ट निदेशक राम अरसा खुरल का तबादला कर दिया गया है।
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अदालत ने कहा कि राम अरसा खुरल की अगुवाई में न केवल फोरलेन से अवैध कब्जे हटाए गए बल्कि निर्माण कार्य में ही तेजी आई है। ऐसे में निदेशक को स्थानांतरित किया जाना जनहित में नहीं है। अदालत ने कहा कि निदेशक को यह जानकारी भी है कि फोरलेन के तेज निर्माण कार्य के लिए क्या-क्या आवश्यक है। यही नहीं यह फोरलेन शिमला के लिए जीवन रेखा है। पर्यटन सीजन में एनएचआई की ओर से इस तरह के तबादला आदेश पारित किए जाना वांछित नहीं है। उपायुक्त सोलन ने रिपोर्ट के माध्यम से अदालत को बताया कि कंडाघाट के समीप दो बिस्वे अवैध कब्जे को हटा दिया गया है।
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अदालत ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी को आदेश दिए कि वह अपनी संपत्ति के संरक्षण के लिए बैरीकेड लगाने के लिए स्वतंत्र है। इससे न केवल संपत्ति की सुरक्षा होगी, साथ ही वाहन दुर्घटना का खतरा भी कम होगा। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कालका-शिमला फोरलेन ड्रीम प्रोजेक्ट था, लेकिन पिछले तीन साल से कैथलीघाट-ढली के हिस्से का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पहले भूमि अधिग्रहण के चलते काम लटका रहा। कालका से कैथलीघाट तक निर्माण कार्य अवैध कब्जों के कारण पूरा नहीं हो रहा है। कैथलीघाट से ढली तक 28.4 किमी लंबे फोरलेन के हिस्से का कार्य दो पैकेजों में तय किया गया है। इस पर 3,716.26 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। फोरलेन के दूसरे पैकेज के फोरलेन निर्माण के लिए 1956.26 करोड़ बजट की स्वीकृति दी गई है।
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