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Shimla: हिमाचल हाईकोर्ट ने बेदखली और अतिक्रमण के मामलों के जल्द निष्पादन के दिए आदेश
Mon, 06 Jan 2025 11:05 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 06 Jan 2025 11:05 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व को 7 जनवरी से पहले अतिक्रमण और बेदखली मामलों के निष्पादन को लेकर सभी विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व को 7 जनवरी से पहले अतिक्रमण और बेदखली मामलों के निष्पादन को लेकर सभी विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट के एक अक्तूबर के आदेशों का अनुसरण करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ने हलफनामा दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम 1954 की धारा 163 के तहत संबंधित सहायक कलेक्टर प्रथम और द्वितीय श्रेणी कलेक्टर के पास 5789 मामले लंबित हैं। भू राजस्व अधिनियम 1954 की धारा 163 के अंतर्गत बेदखली और वारंट के 3746 और अपील के मामले 457 लंबित हैं।
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न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने अतिरिक्त सचिव को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों की सुनवाई का निपटारा जल्द किया जाए। हाईकोर्ट ने वित्त आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 17 के तहत पूर्ण निरीक्षण याचिकाओं और धारा 14 के तहत अपील का 31 जुलाई से पहले निपटारा किया जाए। सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी के कलेक्टर के समक्ष धारा 163 के अंतर्गत 5789 मामलों का निष्पादन 30 जून और अपीलों का 30 मई 2025 तक करने को कहा गया। हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक परिसर बेदखली और किराया वसूली के तहत बेदखली के वारंटों का निष्पादन 31 मार्च 2025 तक या उससे पहले सुनिश्चित करने की निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट की ओर से ये निर्देश जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिए गए हैं। अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी।
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