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हिमाचल हाईकोर्ट ने दिए संधू पंचायत की सचिव पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश
Fri, 03 Sep 2021 08:39 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 03 Sep 2021 08:39 PM IST
सार
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने भलेच गांव के निवासियों की याचिका की सुनवाई के दौरान पाया किया कि पंचायत सचिव की संलिप्तता प्रथम दृष्टया स्थापित होती है। इस कारण न्यायालय ने पंचायतीराज विभाग को इसके खिलाफ नियमित जांच करने के आदेश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच जारी रहने तक वह निलंबित रहेंगी।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आधिकारिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने के मामले में ठियोग उपमंडल की ग्राम पंचायत संधू की पंचायत सचिव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने भलेच गांव के निवासियों की याचिका की सुनवाई के दौरान पाया किया कि पंचायत सचिव की संलिप्तता प्रथम दृष्टया स्थापित होती है। इस कारण न्यायालय ने पंचायतीराज विभाग को इसके खिलाफ नियमित जांच करने के आदेश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच जारी रहने तक वह निलंबित रहेंगी।
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पिछली सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने अतिरिक्त निदेशक एवं सह सचिव पंचायतीराज को इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। मामले की रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष दाखिल करने के लिए कहा था।
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अतिरिक्त निदेशक की रिपोर्ट के मुताबिक पाया गया है कि सचिव के खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं। ग्राम पंचायत की सही जनसंख्या 2417 है, जबकि इसे 2996 दर्शाया गया है। सभा के प्रस्ताव ए के मुताबिक पंचायत की जनसंख्या 2996 दर्शाई गई। प्रस्ताव बी के मुताबिक पंचायत की जनसंख्या 2417 दिखाई गई है। रिपोर्ट में माना गया कि दोनों प्रस्तावों पर संधू पंचायत प्रधान ने हस्ताक्षर किए हैं। रिपोर्ट में स्वीकार किया गया कि अनजाने से हुई त्रुटि के कारण अनुसूचित जाति के निवासियों की जनसंख्या कुल जनसंख्या में दो बार जोड़ी गई थी।
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