जलसंकट पर हाईकोर्ट सख्त, पानी बिल न देने वाले होटलों के कनेक्शन काटने के आदेश
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राजधानी शिमला में जलसंकट पर हिमाचल हाईकोर्ट सख्त हो गया है। बुधवार को लगातार तीसरे दिन मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नगर निगम शिमला को पानी के बिल जमा न करवाने वाले होटलों के कनेक्शन काटने के आदेश दिए।
कोर्ट ने राज्य बिजली बोर्ड को भी प्रतिवादी बनाया है। बोर्ड को स्टोरेज टैंकों का पानी डायवर्ट करने के लिए कदम उठाने को कहा। ऐसा न करने पर बोर्ड के प्रबंध निदेशक को वीरवार को कोर्ट के समक्ष हाजिर होना होगा।
नगर निगम शिमला की परिधि में आते हैं 224 होटल
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि नगर निगम शिमला की परिधि में 224 होटल आते हैं। उन्हें 527 पानी के कनेक्शन जारी किए हैं। कोर्ट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश जारी करते कहा-जनता में भ्रम है कि कुछ होटलों को अवैध कनेक्शन दिए हैं।
ऐसे में इसकी जांच की जाए। प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने कहा कि इसकी एक सप्ताह में जांच होगी। कोर्ट को बताया कि कुछ होटलों ने पानी के बिल अभी तक अदा नहीं किए हैं। नगर निगम ने इसकी वसूली के लिए नोटिस तक जारी नहीं किए।
निगम आयुक्त को आदेश दिए कि वह इनके कनेक्शन तुरंत काटने के आदेश जारी करें और दो दिन में बिल वसूल करें। वहीं निगम ने बताया कि जोन आधार पर पानी का वितरण किया जा रहा है।
वितरण में गड़बड़ी पर होगी विभागीय कार्रवाई
कोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिए कि अगर कोई की मैन अपनी ड्यूटी में लापरवाही करता है या सही पानी का वितरण नहीं कर रहा है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए।
कोर्ट ने आदेश दिए कि पानी के वितरण को सुचारु चलाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएं। सहायक आयुक्त नगर निगम इस ग्रुप की एक्टिविटी को स्वयं मॉनीटर करें।