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जरूर पढ़िए, हाइकोर्ट का ये अहम फैसला

Thu, 19 Feb 2015 09:24 AM IST
Updated Thu, 19 Feb 2015 09:24 AM IST
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Himachal high court judgement over nahan sirmaur army area barriers.

इंडियन आर्मी द्वारा नाहन जिले के 12 गांवों के रास्ते में बैरियर लगाने के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने आर्मी को आदेश दिए हैं कि तुरंत प्रभाव से बैरियर हटाए जाएं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गांववालों को सड़क को इस्तेमाल करने का मौलिक अधिकार है, जिसे आर्मी बैरियर लगाकर छीन नहीं सकती।

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अपने आदेशों में न्यायाधीश राजीव शर्मा ने स्पष्ट किया कि आर्मी गांव वालों को बिना किसी रोक टोक के अपने गांव में आने जाने दे और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रही सड़क के निर्माण कार्य में बाधा न डाले। अदालत ने डीसी सिरमौर को आदेश दिए कि वह विवादित जमीन की तीन महीनों के भीतर डिमार्केशन करे और अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करें।
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सेना की दखल अंदाजी पर डीसी सिरमौर से लगाई गुहार

Himachal high court judgement over nahan sirmaur army area barriers.

ग्रामीण एवं शहरी विकास संघर्ष समिति नाहन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बुधवार को उपायुक्त रितेश चौहान को अपनी समस्याओं से संबधित एक मांग पत्र सौंपा। समिति के अध्यक्ष खेम बहादुर, नाहन ग्राम पंचायत के समिति सदस्य बाबूराम तथा समिति के संयोजक विश्वनाथ शर्मा की अगुवाई में दर्जनों लोगों ने उपायुक्त से मुलाकात की।

सदस्यों ने मांग रखते हुए कहा कि सैनिक क्षेत्र नाहन में रह रहे दर्जनों सिविल परिवारों को लंबे समय से आवाजाही को लेकर भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने बताया कि नप के वार्ड संख्या -12 के छह गांव इन दिनों समस्याओं से जूझ रहे हैं।

बेवजह की रोक-टोक का समाधान करने की मांग उठाई

Himachal high court judgement over nahan sirmaur army area barriers.

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1948 में सिरमौर रियासत के भारत संघ में विलय होने के बाद से ही यह क्षेत्र हिमाचल सरकार के नियंत्रण में आ गया था। तब से लेकर यहां सड़कें, रास्ते, बिजली, पानी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य के विकासात्मक कार्य प्रदेश सरकार की ओर से ही किए जा रहे हैं। मगर ग्रामीणों को बिना समय दिए ही बाद में क्षेत्र भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया गया। तब से लेकर क्षेत्र में ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है।

सेना की ओर से ग्रामीणों की आवाजाही रोकी जा रही है। सैनिक स्टेशन मुख्यालय नाहन द्वारा लोगों को व्यक्तिगत रूप से जमीन खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। कच्चा टैंक एवं गांव जलापड़ी के मार्ग बंद किए जा रहे हैं। समिति ने कहा कि बनोग से जाबल का बाग के निर्माण में बार-बार रुकावटें की जा रही हैं। समिति के सदस्यों, पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने उपायुक्त से गुहार लगाते हुए कहा है कि इस मामले में गंभीरता से विचार कर ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाए।

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