फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal High Court Judge visited Visually impaired school Dhalli

मूक-बधिर बच्चों की दुर्दशा देखने खुद स्कूल पहुंच गए हाईकोर्ट के जज

Fri, 14 Oct 2016 11:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 14 Oct 2016 11:12 AM IST
विज्ञापन
Himachal High Court Judge visited Visually impaired school Dhalli
Hon'ble Justice Tarlok Singh Chauhan

राजधानी शिमला के ढली स्थित मूक बधिर स्कूल में हिमाचल हाईकोर्ट के न्यायाधीश त्रिलोक चौहान अचानक निरीक्षण करने पहुंचे। हाईकोर्ट के न्यायाधीश को देख स्टाफ में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में व्यवस्था को चाक चौबंद करने की कोशिश की जाने लगी। न्यायाधीश ने इस दौरान बच्चों को परोसे गए खाने और स्टॉक को जांचा। 

विज्ञापन


निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक मानसी ठाकुर भी मौजूद रहीं। न्यायाधीश त्रिलोक चौहान ने वहां मौजूद स्टाफ को पानी और सफाई व्यवस्था को सुधारने के आदेश दिए। मेन्यू के हिसाब से खाना देने और जल्द से जल्द बच्चों को ओढ़ने के लिए पोलिफाइबर की रजाइयां मंगवाने के लिए कहा। 
विज्ञापन


यही नहीं, स्कूल में खराब गीजरों, हीटरों और वायरिगं को पंद्रह दिन के भीतर दुरुस्त करने के आदेश भी दिए। बता दें कि 13 अक्तूबर के अंक में ‘अमर उजाला’ ने मूक बधिर स्कूल के मैस में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन और वहां पर फैली अव्यवस्था को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

चौबीस घंटों में पहुंचा राशन

Himachal High Court Judge visited Visually impaired school Dhalli
राजधानी शिमला के ढली स्थित मूक बधिर स्कूल में बच्‍चों के बिस्तर की चादरें और रजाई के कवर बदलता स्टाफ।

उधर, मानसी ठाकुर ने कहा कि किसी वजह से प्रदेश बाल कल्याण परिषद की डायरेक्टर न होने की वजह से वह मौके पर गई थीं। इस दौरान न्यायाधीश ने सफाई, पानी की स्वच्छता को लेकर मौके पर मौजूद अधिकारियों को सुधार के आदेश दिए हैं। 

अमर उजाला में खबर छपने के बाद चौबीस घंटों के भीतर बच्चों का खत्म हुआ राशन मंगवाया गया और वीरवार को बच्चों को नाश्ते में खाने के लिए दलिया दिया गया। 

हीटर कराए उपलब्ध, रजाइयों के कवर भी बदले 
संस्थान में बच्चों को ठंड से निजात पाने के लिए हीटरों को उपलब्ध करवाया गया। रात को सोने के लिए बच्चों के बिस्तरों की चादरों के साथ रजाई के गिलाफ भी बदले गए। एलईडी लगाने के निर्देश भी दिए गए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed