मंदिर में दलितों के प्रवेश पर रोक, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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हाईकोर्ट ने शिमला जिले के मतियाना के समीप शडी स्थित माता महेश्वरी देवी मंदिर में छुआछूत और जातिवाद को बढ़ावा देने पर प्रदेश के मुख्य सचिव, डीसी शिमला, एसडीएम ठियोग को नोटिस जारी कर जवाबतलब किया है।
हाईकोर्ट ने प्रार्थी माठु राम की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद मंदिर की कार्यकारी कमेटी के अध्यक्ष और सलाहकार हेम चंद ठाकुर, मदनलाल चौहान, रंजीत सिंह और माठु राम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
याचिका में आरोप लगाया है कि मंदिर में सलाहकारों की ओर से छुआछूत और जातिवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंदिर की कार्यकारिणी के लोकतांत्रिक स्वरूप को बदलकर वंशानुगत आधार पर बदल दिया गया है।
अनुसूचित जाति के लोगों को प्रसाद भी नहीं दिया जाता यहां
आरोप लगाया है कि उक्त मंदिर में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। इन लोगों का मंदिर में प्रवेश निषेध है। ऐसे लोगों को माता का भोग भी प्रसाद के रूप में नहीं दिया जाता। छोटी जातियों की ओर से याची माता को चढ़ावा चढ़ाया जाता है तो उसे भी स्वीकार नहीं किया जाता।
प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई है कि उक्त मंदिर में सभी जातियों के लोगों को पूजा करने का अधिकार दिलाया जाए और छुआछूत और जातिवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
टाहलीवाल को 8 हफ्ते में नगर पंचायत बनाओ
हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए हैं कि वह ऊना जिले की टाहलीवाल पंचायत को आठ सप्ताह के भीतर नगर पंचायत बनाया जाए। म्यूनिसिपल अधिनियम की धारा 268 के तहत कार्यकारी अधिकारी नियुक्त कर उसे अपने कर्त्तव्य निर्वहन करने का उत्तरदायित्व सौंपा जाए।
अदालत ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि नगर पंचायत नंगलकलां उक्त नगर पंचायत के गठन के बाद कार्य करना बंद कर देगी। प्रार्थी नगर पंचायत नंगलकलां ने प्रदेश सरकार की ओर से नगर पंचायत टाहलीवाल के गठन के निर्णय को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। इसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
प्रार्थी ने याचिका में आरोप लगाया था कि यदि पंचायत को नगर पंचायत में तबदील कर दिया जाता है तो पंचायत के लोगों को विभिन्न तरह के कर देने पड़ेंगे। उन्हें मकान बनाने में भी दिक्कतें आएंगी। प्रार्थी ने दलील दी थी कि पंचायत की सालाना आय पांच लाख से कम है और ग्राम सभा भी इसका विरोध कर रही है। सरकार के अनुसार क्षेत्र के विकास को नगर पंचायत के गठन का निर्णय लिया गया है।