नेशनल हाईवे के गड्ढे भरने के लिए हिमाचल सरकार ने एनएचएआई को लिखा पत्र
हाईवे पर दिन-रात छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क के किनारे बारिश के पानी के लिए बनाई गई नालियां भी मिट्टी से भरी हैं। कई जगह क्रैश बैरियर टूटे हैं। बरसात के चलते सड़क के किनार गिरा मलबा तक नहीं हटाया गया है।
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शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर सफर करना जोखिम भरा है। एनएच की कई जगह टारिंग उखड़ गई है। सड़क पर गड्ढे पड़ने से वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। प्रदेश सरकार ने नेशनल हाईवे की दशा सुधारने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचआई) को पत्र लिखकर इसे सुधारने की मांग की है। सरकार ने नेशनल हाईवे के अधीक्षक अभियंता को भी एनएचईआई से लगातार संपर्क करने को कहा है। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुभाशीष पांडा ने भी इस नेशनल हाईवे का जायजा लिया है। हाईवे पर दिन-रात छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क के किनारे बारिश के पानी के लिए बनाई गई नालियां भी मिट्टी से भरी हैं। कई जगह क्रैश बैरियर टूटे हैं। बरसात के चलते सड़क के किनार गिरा मलबा तक नहीं हटाया गया है।
सप्ताह के भीतर शुरू होगी वाहनों की आवाजाही
एनएच घंडल के पास क्षतिग्रस्त है। लोक निर्माण विभाग की ओर से इस एनएच पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण का दावा है कि सप्ताह के भीतर इस एनएच से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
नेशनल हाईवे की मरम्मत के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखा गया है। नेशनल हाईवे के अधीक्षण अभियंता को लगातार एनएचईआई से संपर्क करने को कहा गया है। - सुभाशीष पांडा, प्रधान सचिव, लोक निर्माण विभाग।