कांग्रेस विधायक को मिली बड़ी राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कसुम्पटी हलके से कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ अदालत में चल रहा अवैध कटान का मामला प्रदेश सरकार ने वापस ले लिया है। मुकदमे को वापस लेने के लिए सरकार की ओर से दी गई अरजी को अदालत ने मंजूर कर लिया है। अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ अप्रैल 2011 में अवैध कटान के आरोप में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की थी।
अनिरुद्ध उस दौरान शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष थे। विजिलेंस ब्यूरो के शिमला थाने में अनिरुद्ध सिंह पर वन संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। उन पर मशोबरा के निकट सरकारी भूमि पर पेड़ काटने के आरोप थे। विजिलेंस ने मशोबरा में उनके पुश्तैनी मकान से करीब 400 स्लीपर बरामद करने का दावा किया था।
अदालत ने दी मंजूरी
उस समय अनिरुद्ध सिंह ने विजिलेंस टीम को बताया था कि उनकी जमीन से होकर एक सड़क जाती है। यहीं पर बरसात में ये पेड़ भूस्खलन से गिरे। गिरे हुए पेड़ों के ही स्लीपर बनाए गए। विजिलेंस ब्यूरो ने बाद में इस मामले में चालान न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत में पेश किया था। इसमें उन पर मुकदमा चल रहा था।
वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इस मुकदमे को वापस लेने के लिए अरजी कोर्ट में दी, जिसे कोर्ट ने परमिट कर दिया है। इसकी सूचना विजिलेंस के पास पहुंच गई है। डीआईजी विजिलेंस अरविंद कुमार शारदा ने बताया कि विजिलेंस का काम जांच करना है। मामला वापस लेने का निर्णय सरकारी स्तर पर होता है। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि विजिलेंस ने मेरे खिलाफ आधारहीन शिकायत पर केस दर्ज किया था। अब सरकार ने इसे वापस ले लिया है।