फोन टैपिंग मामला : इस पूर्व डीजीपी को ग्रेच्युटी पर ब्याज भी देगी सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व डीजीपी रहे आईडी भंडारी को करीब दो महीने पहले ग्रेच्युटी जारी करने वाली राज्य सरकार अब उस पर ब्याज भी देगी। फोन टैपिंग मामले में आईडी भंडारी की सेवानिवृत्ति के बाद पिछली सरकार ने उनकी ग्रेच्युटी रोक दी थी।
जयराम सरकार ने उन्हें ग्रेच्युटी तो दे दी, मगर अब इस पर ब्याज भी देगी। पिछली सरकार ने सत्ता में आते ही तत्कालीन डीजीपी रहे आईडी भंडारी के खिलाफ फोन टैपिंग मामले में एक केस दर्ज किया।
सरकार बनते ही उन्हें थोड़े वक्त बाद डीजीपी पद से हटाकर डीजी होमगार्ड लगाया गया और जब 2014 में सेवानिवृत्ति हुई तो उनकी ग्रेच्युटी रोक दी गई। बाद में फोन टैपिंग मामले का चालान कोर्ट में पेश किया गया।
मुकदमा चला तो भंडारी के खिलाफ आरोप ही तय नहीं हो पाए, उन्हें कोर्ट ने डिस्चार्ज कर दिया। ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हिमाचल सरकार की ओर से सेशन कोर्ट में भी अपील की गई। वहां भी पिछले फै सले को सही ठहराया गया।
आरोपमुक्त होने के बाद भंडारी ने जयराम सरकार के सत्ता में आने पर रोकी गई ग्रेच्युटी जारी करने का अनुरोध किया। दो महीने पहले ही भंडारी को ग्रेच्युटी के 10 लाख रुपये मिले हैं, लेकिन उन्हें ग्रेच्युटी रोके जाने की अवधि का ब्याज नहीं दिया गया है।
अब आईडी भंडारी ने हिमाचल सरकार को पत्र लिखा है कि उन्हें ग्रेच्युटी पर ब्याज भी जारी किया जाए। पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी ने इसकी पुष्टि की कि ग्रेच्युटी मिलने के बाद ब्याज जारी करने को भी उन्होंने राज्य सरकार को पत्र लिखा है।
भंडारी बोले कि कुछ अधिकारियों की साजिश पर उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया था। ग्रेच्युटी भ्रष्टाचार, रिकवरी आदि के मामलों में रोकी जाती है। उनकी ग्रेच्युटी रोकना भी गैर कानूनी थी। राज्य गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ग्रेच्युटी पर ब्याज देने मेें सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। इसे जारी कर दिया जाएगा।