इनवेस्टर मीट को इस राज्य की नीति अपनाएगी हिमाचल सरकार
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सरकार इनवेस्टर मीट के लिए पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की नीति को अपनाएगी। फरवरी में धर्मशाला में इनवेस्टर मीट करने का फैसला लिया है। इनवेस्टर मीट से पहले सरकार ने कसरत शुरू कर दी है।
उत्तराखंड में इनवेस्टर मीट से पहले की तैयारियों की जायजा लेने को हिमाचल से अधिकारियों का एक दल उत्तराखंड का जायजा लेकर लौट आया है।
उत्तराखंड में गत 7 और 8 अक्तूबर को इनवेस्टर मीट हुई थी। इसमें हिस्सा लेने के लिए प्रदेश के अधिकारी भी हिस्सा लेने गए थे।
मीट में हिस्सा लेने के बाद हिमाचल सरकार से भी पूंजीपतियों को आकर्षित करने के लिए इनवेस्टर मीट आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद सरकार ने फरवरी में धर्मशाला में इनवेस्टर मीट करने का फैसला लिया था।
सरकार ने हिमाचल के अधिकारियों का एक दल उत्तराखंड सरकार से महत्वपूर्ण टिप्स लेकर आने को कहा था। बताते हैं कि पहले दौर में पर्यटन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों का एक दल उत्तराखंड से इनवेस्टर मीट की तैयारियों का अध्ययन करने लौटा है।
इन बिंदुओं को लेकर अध्ययन करके लौटे अफसर
इनवेस्टर मीट से पहले निवेशकों को ठहराने और खाने पीने की व्यवस्था कैसे की जानी है। इनवेस्टर मीट में हिस्सा लेने वाले निवेशकों के लिए कहां सरकार की योजनाओं के बारे में कहां जानकारी दी जा सकती है।
देश के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए किन शहरों में संपर्क स्थापित किया जा सकता है। विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए किन देशों के निवेशकों से कैसे संपर्क किया जा सकता है, जैसे मसलों पर उत्तराखंड सरकार से अधिकारी टिप्स लेकर लौटे हैं।
राज्य में 80 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा
सरकार ने इनवेस्टर मीट के माध्यम से प्रदेश में अस्सी हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। सरकार को उम्मीद है कि इनवेस्टर मीट से देश विदेश के पूंजीपतियों को आकर्षित किया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
राज्य पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक अजीत भारद्वाज कहते हैं कि अधिकारियों का दल उत्तराखंड के इनवेस्टर मीट के आयोजन से पहले की तैयारियों की अध्ययन करने को भेजा गया था। यह दल अध्ययन करके लौट आया है।