सैकड़ों स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू, ब्योरा किया जा रहा एकत्रित
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प्रदेश में कम छात्रों की संख्या वाले 500 से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों से 15 छात्रों से कम संख्या वाले स्कूलों का रिकॉर्ड तलब किया है। बंद किए जाने वाले प्राइमरी और मिडल स्कूलों को साथ लगती पाठशालाओं में मर्ज किया जाएगा।
शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने बताया है कि कम छात्रों की संख्या वाले स्कूलों का रिकॉर्ड एकत्र किया जा रहा है। स्कूलों को बंद करने को लेकर अंतिम फैसला प्रदेश सरकार ही लेगी।
शैक्षणिक सत्र 2018-19 के दौरान प्रदेश के कई प्राइमरी और मिडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 15 से कम हो गई है। ऐसे में सरकार ने कम छात्रों की संख्या वाले स्कूलों को साथ लगते स्कूलों में मर्ज करने की तैयारी की है।
सूत्रों के मुताबिक एक से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 15 से कम होगी, ऐसे स्कूलों को मर्ज कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था से बंद किए जाने वाले स्कूलों के शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में तैनात किया जाएगा।
इस व्यवस्था से जहां स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं बच्चों को भी पढ़ाई के लिए माहौल मिल सकेगा। बंद किए जाने वाले स्कूलों के विद्यार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। बता दें कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भी 103 प्राइमरी स्कूलों को बंद कर साथ लगते स्कूलों में मर्ज किया गया था।