आठ माह बाद हटाया कामगार कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबियों में गिने जाने वाले कर्मचारी नेता को जयराम सरकार ने झटका दिया है। हिमाचल प्रदेश भवन निर्माण एवं अन्य कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र ठाकुर की नियुक्ति की अधिसूचना के आठ महीने बाद उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर को जिम्मा सौंप दिया है।
सुरेंद्र ठाकुर को वीआरएस देकर रिलीव ही नहीं किया गया। अब बोर्ड के पुनर्गठन की नई अधिसूचना 27 दिसंबर को जारी हुई, जिसके अनुसार उद्योग मंत्री बोर्ड के नए अध्यक्ष होंगे।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर की मई 2018 में बोर्ड अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हुई थी। लोक निर्माण विभाग में कार्यरत सुरेंद्र ठाकुर ने नियुक्ति के बाद पहले असाधारण अवकाश के लिए आवेदन किया।
अर्की से टिकट के रह चुके दावेदार
सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया तो उन्होंने वीआरएस को भी अरजी दे दी। इसके बावजूद सरकार ने उन्हें रिलीव नहीं किया। अब उनकी पुरानी नियुक्ति खारिज कर नई अधिसूचना जारी कर दी गई है।
सुरेंद्र ठाकुर अर्की से भाजपा के टिकट के दावेदार भी रह चुके हैं। वह भारतीय मजदूर संघ से भी लंबे समय तक जुडे़ रहे हैं। कुछ कर्मचारी नेता उनके खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। उनके धूमल सरकार में सक्रिय रहने और भाजपा के दूसरे खेमे से जुड़े होने की शिकायत करते रहे।
इसी गहमागहमी के बीच उन्हें सरकार ने पीडब्ल्यूडी से रिलीव नहीं किया। सुरेंद्र ठाकुर ने अपनी नियुक्ति के खारिज होने के बाद नई अधिसूचना जारी होने की बात मानी, मगर इस पर खुलकर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।